ऊना में खनन माफिया खामोश

टाहलीवाल (ऊना)। जिले में खनन माफिया खामोश हो गया है। अफसरों और कर्मचारियों में डबल डिमोशन का खौफ ऊना में बरकरार है। अवैध खनन के खिलाफ कटने वाले चालानों में कमी दर्ज हुई है। मई माह के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ऊना प्रवास के दौरान अवैध खनन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि जो भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी अवैध खनन करने वालों का साथ देते हुए पाए गए या उनके खिलाफ ऐसी कोई शिकायत आई तो डबल डिमोशन की जाएगी।
डबल डिमोशन के खौफ ने पुलिस अधिकारियों की खूब कसरत करवाई है। लगातार गश्त एवं छापेमारी के माध्यम से अवैध खनन पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने गोरखधंधे से जुड़े लोगों पर नकेल कस दी है। पिछले माह पुलिस ने जिले भर में 15 लाख रुपये से भी अधिक राशि जुर्माने के तौर पर वसूली थी। मई माह में आंकड़ा डेढ़ लाख से आगे नहीं खिसका।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अवैध खनन के गोरखधंधे से जुड़े लोग अचानक दुबक गए हैं। दूसरी ओर खनन विभाग भी डबल डिमोशन के खौफ से सक्रिय हो गया है। विभाग की सक्रियता से गोरखधंधा बंद होने की कगार पर है। हरोली के एसएचओ महेंद्र कुमार ने कहा कि थाना क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। संभावित क्षेत्रों में छापे मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ देखते ही चालान काटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकंजा कस जाने के कारण अवैध खनन के खिलाफ चालान कम हुए हैं। इधर, एडिशनल एसपी वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।

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