
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि दिल्ली में उर्दू का प्रचार-प्रसार बढ़ा है। फिर भी जरूरत है कि इसका इस्तेमाल बढ़े। उन्होंने कहा, ‘जो शिक्षक अपने घरों में उर्दू पढ़ाते हैं उनका मानदेय (ऑनरेरियम) 1500 रुपये से बढ़ाकर दो हजार रुपये मासिक किया जाएगा। साथ ही अव्वल रहने वाले बच्चों की इनाम राशि पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार की जाएगी।’
उर्दू अकादमी की तरफ से चलाए जा रहे उर्दू तालीम केंद्रों के सालाना समारोह में मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाले 46 उर्दू उस्तादों और अव्वल आने वाले 90 बच्चों को 500-500 रुपये का पुरस्कार भी दिया। सीएम ने कहा कि अकादमी ने उर्दू को लोगों के नजदीक पहुंचाया है। उर्दू अकादमी के उस्तादों की तनख्वाह भी सरकार ने दोगुने से अधिक कर दी है। उर्दू को जुबाने शीरी कहा जाता है। इसे किसी मजहब के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। यह हमारी मिलीजुली तहजीब की पहचान है और इसमें हिंदुस्तान की महक महसूस की जा सकती है। कार्यक्रम में भाषा मंत्री प्रोफेसर किरण वालिया, भाषा विभाग के सचिव सज्जन सिंह यादव, उर्दू अकादमी के नायाब सदर अख्तर उल वासे, सचिव अनीस आजमी और तालीमी केंद्रों के संयोजक मासूम मुरादाबादी मौजूद थे।
