
अंब (ऊना)। बिलासपुर से अंब तक पुलिस की नाक में दम करने वाला आरोपी शख्स शिकायतकर्ता का कोई करीबी हो सकता है। कारोबारी सुकुमार सिंह के खाते से मोबाइल बैंकिंग के जरिए 8.65 लाख रुपये उड़ाने के लिए जिस डुप्लीकेट सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, वह सिम कार्ड सुकुमार सिंह के ही पासपोर्ट की प्रति पर जारी हुआ है। पुलिस तहकीकात में यह खुलासा हुआ है। अंब में खरीदे गए इस सिम कार्ड से ही सुकुमार के खाते से अलग-अलग खातों में राशि ट्रांसफर हुई। हैरानी की बात यह है कि उस दौरान करीब दो घंटे सुकुमार सिंह के मोबाइल में पड़े सिम कार्ड ने काम करना बंद कर दिया था। इन दो घंटों में ही शातिर ने यह पूरा खेल खेला। हिमाचल प्रदेश पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुकुमार सिंह पुत्र कुलदीप सिंह निवासी बिलासपुर के साथ 13 सितंबर के लिए यह घटना हुई। इसकी शिकायत संबंधित सेलुलर कंपनी से भी की थी। कंपनी ने छानबीन के बाद पाया था कि इसी मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड अंब से जारी हुआ है। अब पुलिस जांच में पता चला है कि डुप्लीकेट सिम कार्ड भी सुकुमार सिंह के पासपोर्ट की प्रति के आधार पर जारी किया गया था। पुलिस का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में शिकायतकर्ता का ही कोई करीबी संलिप्त हो सकता है। शातिर को सुकुमार का बैंक खाता नंबर और अन्य दस्तावेजों की पूरी जानकारी हो सकती है। यह भी माना जा रहा है कि घटना को अंजाम देने में एक से अधिक लोगों का हाथ रहा हो। अंब स्थित संबंधित सेलुलर कंपनी के स्थानीय डीलर ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को एक युवक उनके यहां आया। उसकी उम्र करीब 26-27 साल थी। वह सुकुमार सिंह के पासपोर्ट की कापी पर अपना फोटो लगाकर आया था। डुप्लीकेट सिम जारी करते समय कंपनी के दिशा- निर्देशानुसार उससे जो सवाल पूछे गए, उसने सभी का जवाब दिया, जिससे उस पर शक नहीं हुआ। युवक के फोटो वाली प्रति कंपनी ने पुलिस को भी दी है। उधर, अंब थाना के अतिरिक्त प्रभारी नितिन ने बताया कि मोबाइल बैंकिंग से जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे, वे खाते सीज कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की बारीकी से छानबीन जारी है।
