उत्तर दिशा में अच्छी होगी फसल

खराहल (कुल्लू)। इस साल हो रही बर्फ बारी फ सलों के लिए फायदेमंद रहेगी या हानिकारक, इसकी भविष्यवाणी बर्फ के गोलों से की गई। सुनने में यह अटपटा जरूर लगता है, मगर है सौ फीसदी सच! माहूटी नाग के सम्मान में आयोजित फागली उत्सव में बर्फ के गोलों से मौसम का पूर्वानुमान लगाया गया। देव समाज के लोगों का दावा है कि देव प्रक्रिया के तहत होने वाली यह भविष्यवाणी सच साबित होती हैै। कोट स्थित देवता के देवालय में फागली उत्सव के मौके पर शुक्रवार को इस परंपरा को बखूबी निभाया गया। पूजा-अर्चना के बाद माहूटी नाग की शोभायात्रा निकली और देवता के गूरों ने देव खेल में चारों दिशाओं की ओर बर्फ के गोले फेंके। इस प्रक्रिया में अधिक बर्फ के गोले उत्तर दिशा की ओर गिरे। मान्यता है कि उस तरफ फसल तथा फलों की पैदावार अधिक होगी। जहां कम बर्फ गिरी है, वहां सूखा और मध्यम बर्फ गिरने वाली दिशा में मौसम सामान्य रहेगा।

तीर पकड़ने में हुई खूब जोर आजमाइश
फागली उत्सव में देवता के तीर पकड़ना मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा है। उत्सव में देवता के गूर ने देव धनुष से तीर चारों दिशा में छोडे़। इन तीरों को पकड़ने में लोगों में खूब जोर आजमाइश हुई। पहला तीर पुईद के प्रमोद तथा दूसरा तीर भी इसी गांव के निवासी नीनू ने पकड़ा। मान्यता है कि तीर पकड़ने वालों की देवता हर इच्छा पूरी करते हैं। देवता के कारदार अमरनाथ ने बताया कि सदियों से फागली उत्सव में इस परंपरा का निर्वहन किया जाता है।

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