ईडी ने भूषण स्टील का 486 करोड़ का बंगला किया अटैच, बैंक से धोखाधड़ी पर हुई यह कार्रवाई

ईडी ने भूषण स्टील का 486 करोड़ का बंगला किया अटैच, बैंक से धोखाधड़ी पर हुई यह कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूषण पावर एंड स्टील और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी मामले में 486 करोड़ रुपये का बंगला अटैच किया है। यह बंगला राजधानी के सबसे महंगे इलाकों में से एक अमृता शेरगिल मार्ग पर स्थित है।

4,840 वर्ग गज में फैले बंगले का स्वामित्व दिवालिया हो चुकी इस कंपनी के पूर्व निदेशक संजय सिंघल की पत्नी आरती सिंघल के पास है। ईडी ने संजय को 2019 में गिरफ्तार किया था। मामले में अब तक 4,938 करोड़ की संपत्ति अटैच हो चुकी है।

जांच एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि इसका स्वामित्व बीपीएसएल की पूर्व निदेशक और मुख्य प्रमोटर संजय सिंघल की पत्नी आरती सिंघल के पास है। दिवालिया हो चुकी बीपीएसएल का अधिग्रहण जेएसडब्ल्यू स्टील ने    कर लिया है।

संजय सिंघल को नवंबर 2019 में ईडी ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लंबित है। एजेंसी ने पहले भी इस मामले में संपत्तियां अटैच की। ईडी की इस कार्रवाई के बाद अब तक अटैच की गईं संपत्तियों का कुल मूल्य 4,938 करोड़ रुपये हो गया है।

इसमें से 4,025 करोड़ रुपये की संपत्तियां बैंकों को वापस कर दी गई हैं। कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सीबीआई की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पूर्व मालिकों ने बैंकों से 47,204 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।

बैंक फंड को निजी निवेश में डायवर्ट किया
ईडी के अनुसार, बीपीएसएल और उसके प्रमोटरों ने बैंक फंड को शेयरों और संपत्तियों के रूप में निजी निवेश में डायवर्ट किया। फर्जी खर्च, खरीद, पूंजीगत संपत्ति दिखाने के लिए खातों की पुस्तकों में हेराफेरी की गई और बैंक फंड को नकदी के रूप में निकाला गया। इसका उपयोग परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां हासिल करने के लिए किया गया।

एजेंसी ने कहा कि नकदी को विभिन्न बेनामी कंपनियों (कर्मचारियों और डमी निदेशकों के माध्यम से) के खातों में डाला गया। इसका उपयोग शेयरों और अचल संपत्तियों के रूप में निवेश के लिए किया गया। एजेंसी ने आरोप लगाया, बैंक के फंड को निजी संपत्तियों के अधिग्रहण में खर्च किया गया और इस तरह से रखा गया कि बैंक ऋण राशि वसूल न कर सकें।

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