
आपको जान कर ताज्जुब होगा कि डेंगू मरीजों से भी एडीज मच्छर में डेंगू का वायरस आ रहा है।
दरअसल, सभी एडीज मच्छरों में डेंगू का लार्वा नहीं होता, लेकिन यदि डेंगू के मरीज को बिना वायरस वाला एडीज मच्छर काट ले तो उसमें भी इसके वायरस आ जाते हैं।
इसके बाद यदि वह मच्छर किसी को काटता है तो उसे डेंगू हो जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सभी एडीज मच्छरों में डेंगू का लार्वा नहीं होता है। इन दिनों ये मच्छर डेंगू के लिए कैरियर का काम कर रहे हैं।
इसी वजह से कुछ दिन में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर केके अग्रवाल ने बताया कि यदि किसी मादा एडीज मच्छर में डेंगू का लार्वा हो तो उससे जन्म लेने वाले मच्छर में भी वायरस होगा।
आमतौर पर डेंगू का वायरस 12 दिन में पनपता है, लेकिन इन दिनों इसके पनपने के लिए उपयुक्त मौसम और तापमान है।
लिहाजा यह 6 दिन में ही पनप रहा है। गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल के डॉ. एसएम रहेजा ने कहा कि जब तक बारिश होती रहेगी, लार्वा पनपता रहेगा।
आम तौर पर मच्छर के काटने के पांच से छह दिन बाद मरीज में डेंगू के लक्षण सामने आने लगते हैं।
मरीजों में ब्लड प्रेशर में अधिकतम और न्यूनतम के बीच 40 का अंतर बनाए रखना चाहिए। इस अंतर को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना चाहिए।
आरएमएल में लगी मरीजों की भीड़
सोमवार को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आपातकालीन विभाग में डेंगू व अन्य वायरल से ग्रसित करीब डेढ़ सौ मरीज पहुंचे।
आपातकालीन विभाग में मरीजों की काफी भीड़ लगी थी। एक-एक बिस्तर पर दो-दो मरीजों का इलाज हो रहा था। सोमवार को की गई जांच में 52 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके कार ने बताया कि प्रतिदिन डेंगू जांच के लिए लगभग 150 मरीजों के खून के नमूने लिये जा रहे हैं, जिसमें 50 से 60 में डेंगू की पुष्टि हो रही है।
यही नहीं प्रतिदिन 50 से 60 डेंगू मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
