इंजीनियरिंग के छात्र पढ़ेंगे इंसानियत का पाठ

नई दिल्ली। दुनियाभर में नैतिक मूल्यों की जिन खूबियों के लिए भारतीय छात्र पहचाने जाते थे, अब वे कहीं खो रहे हैं। युवाओं में डिग्री और नॉलेज तो बढ़ी है, लेकिन मॉरल वैल्यू और एट्टीट्यूड बदल रहा है। युवाओं के रवैये में आए इस बदलाव से मल्टी नेशनल कंपनियां भी अंसुष्ट हैं, जिसकी वजह से प्लेसमेंट में गिरावट आ रही है। प्लेसमेंट रिपोर्ट में सामने आई खामी को दूर करने के लिए आईपी यूनिवर्सिटी अब बीटेक डिग्री प्रोग्राम में छात्रों को इंजीनियरिंग के साथ नैतिक और पेशेवर मूल्यों की पढ़ाई करवाएगी।
यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन व सेंट्रलाइज्ड़ प्लेसमेंट सेल के हेड प्रोफेसर बीवीआर रेड्डी के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2013-14 से बीटेक प्रोग्राम में इंजीनियरिंग के साथ ह्यूमन वैल्यू और प्रोफेशनल एथिक्स पेपर जोड़ा गया है। छात्रों को पहले और आखिरी (आठवें) सेमेस्टर में इस पेपर की पढ़ाई होगी। प्रत्येक सेमेस्टर में इसके चार पेपर होंगे। इसमें से दो पेपर मॉरल वैल्यूस और दो प्रोफेशनल एथिक्स के होंगे। इसमें लिखित परीक्षा 40 अंकों की होगी, जबकि प्रैक्टिकल 60 अंक का होगा। डिग्री में इसके दो क्रेडिट जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि बीटेक प्रोग्राम में यह कोर्स ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के नियमों के तहत जोड़ा गया है, ताकि छात्रों को ज्ञान के साथ नैतिक मूल्य भी समझाए जाएं। प्रोग्राम में नया पेपर जोड़ने के लिए बाकायदा फैकल्टी को ट्रेंड किया जा रहा है। नैतिक मूल्यों की कमी के चलते मल्टी नेशनल कंपनी (एमएनसी) छात्रों को नौकरी देने में पीछे हट रही हैं। एमएनसी रिपोर्ट के मुताबिक डिग्री व ज्ञान जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही सेवा, समर्पण, ईमानदारी, व्यवहार व नैतिक मूल्य भी अहमियत रखते हैं। इनमें से कुछ भी कम होने पर इसका सीधा असर कामकाज पर पड़ता है।

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