आसान नहीं जलोड़ी दर्रा बहाल करना

कुल्लू। जाड़े के दूसरे सबसे बड़े हिमपात ने जहां कुल्लू घाटी को जकड़ कर रख दिया है, वहीं लोनिवि के लिए भी खासी मुश्किलें पैदा कर दी हैं। शुक्रवार देर रात हुई ताबड़तोड़ बर्फबारी से जिला में पानी और सड़क सुविधा को काफी प्रभावित कर दिया है। शनिवार को मौसम खुलते ही लोनिवि ने जिला के मुख्य और जरूरी संपर्क मार्गों को बहाल करना शुरू कर दिया है। लेकिन, खास बात यह है कि जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले 10281 फु ट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से गुजरने वाले राज्य मार्ग-11 को जल्द बहाल करना लोनिवि के लिए आसान नहीं होगा। विभाग को अब 26 किलोमीटर के दायरे से बर्फ को हटाकर खूब पसीना बहाना पड़ेगा। बंजार लोनिवि को दर्रा से दस किमी पीछे घियागी तथाआनी लोनिवि को कमांद से 16 किलोमीटर से बर्फ हटानी पड़ेगी। दर्रा में हुई दो फुट ताजा बर्फ बारी ने लोनिवि आनी और बंजार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि, बंजार लोनिवि ने एक जेसीबी और एक डोजर सहित तीस मजदूरों को घियागी में मोर्चे पर लगा दिया है। जबकि, दूसरी तरफ आनी की ओर से लोनिवि ने कमांद से बर्फ हटाने का अभियान भी तेज कर दिया है। विभाग ने मशीनरी के साथ करीब 25 मजदूरों की तैनाती की है। 26 किलोमीटर के दायरे से बर्फ हटाने पर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि औट-लुहरी मार्ग को बहाल करने में कितना समय लगेगा। उधर, जलोड़ी दर्रा में तैनात पुलिस के रेस्क्यू दल के सदस्य भाग चंद ने बताया कि दर्रा में करीब दो फुट ताजा बर्फ के साथ यहां चार फुट तक बर्फ हो गई है। कहा कि मौसम साफ रहने पर शीतलहर का प्रकोप जारी है। लोनिवि बंजार के सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग ने बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है। उधर, लोनिवि आनी के अतिरिक्त सहायक अभियंता एमडी अकेला ने कहा कि मौसम ने साथ दिया तो तीन-चार दिन के भीतर उनकी ओर से जलोड़ी दर्रा तक सड़क यातायात के लिए खोल दी जाएगी।

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