
ऊना(विवेक त्रिपाठी)आलू की फसल खेतों में ही झुलसने लगी है। इससे किसानों में हड़कंप मच गया है। किसानों का कहना है कि आलू की फसल को कोई बीमारी लग गई है। हालांकि किसान अपने स्तर पर दवाइयों का छिड़काव भी कर रहे हैं लेकिन बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। पौधों से पत्ते झुलसकर जमीन पर गिरने लगे हैं। पौधे भी मुरझा रहे हैं। इससे किसानों में माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। किसानों ने कहा कि यह बीमारी एक खेत से दूसरे खेत में फैल रही है। बंगाणा से किसान रमनीत सिंह, भाग सिंह, अजमेर सिंह, तिलक राज, ऊना के किसान दिलेर सिंह, राज कुमार, हर्षदीप सिंह, मिल्खा सिंह, प्रेम चंद, आकाश, हरोली के किसान नवदीप, बिल्ला, किशोर, रंजन कुमार, रविंद्र सिंह आदि ने कहा कि खेतों में आलू की फसल किसी बीमारी की जद में आ गई है। दवा विक्रेताओं से स्प्रे आदि के लिए दवाई भी खरीद रहे हैं और उसका छिड़काव भी कर रहे हैं। फिर भी बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही है। किसानों ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा तो उनके लिए परिवार का पेट पालना मुश्किल हो जाएगा। फसल तबाह हो गई तो उनके परिवार को रोटी के लाले पड़ जाएंगे। हरोली के बढेड़ा इलाके से किसान भूपेंद्र कंवर, विजय कुमार, सोनू, पवन आदि ने कहा कि खेतों में आलू क ी पौध से पत्ते मुरझाकर जमीन पर गिर रहे हैं।
बीमारी का कारण अधिक बारिश भी हो सकता है। मौसम में जल्द बदलाव से भी ऐसा होता है। किसान रिडोमिल दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर आलू के पौधों पर छिड़काव करें। रिडोमिल का छिड़काव करने के बाद चार दिन के अंतराल पर कापर पोक्सो क्लोराइड ब्लाइटाक्स ढाई ग्राम प्रति लीटर का घोल बनाकर छिड़काव करें।
-डा. हरबंस राणा, कृषि उपनिदेशक
