
नई दिल्ली। सरकार ऑटो रिक्शा के और परमिट मांगने को सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है ताकि बाजार की मांग के हिसाब से परमिट दिये जा सकें। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने जो 45 हजार परमिट देने की छूट दी थी, उसमें पंद्रह हजार लेने कोई नहीं आ रहे हैं। खाली परमिट आरक्षित श्रेणी वालों को कोई विशेष छूट नहीं है तो फिर कोई ये परमिट क्यों ले?
सुप्रीम कोर्ट ने जो 45 हजार ऑटो रिक्शा रजिस्ट्रेशन की छूट दी थी उसमें 21,073 नए ऑटो रिक्शा रजिस्टर्ड हैं। रजिस्टर्ड ऑटो रिक्शा में ओबीसी के 1282, एससी के 1086 और एसटी श्रेणी में सिर्फ 11 शामिल हैं। आरक्षित श्रेणी में ओबीसी के लिए 9200, एससी के लिए 4600 और एसटी के लिए 2830 परमिट बचे होने पर 25 मई को सार्वजनिक सूचना देकर परमिट लेने के लिए बुलाया गया। एक महीने में एक एसटी समेत 1341 आवेदन मिले। इनकी छंटनी प्रक्रिया पूरी करने पर 1320 योग्य पाए गए हैं। जल्द ही इन्हें गाड़ी लाने के लिए लेटर टू इंटेंट (एलओआई) जारी कर दी जाएगी। प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी का कहना है कि आरक्षित वर्ग को कुछ विशेष योजना देकर, प्रमाणपत्र देने पर तुरंत परमिट देने की सुविधा देकर भी रजिस्ट्रेशन बढ़ा सकते हैं। फिर जो परमिट बच जाते हैं उन्हें सामान्य वर्ग के योग्य वैध लाइसेंस और बैज धारक को दिये जा सकते हैं। वहीं परिवहन विभाग ने उपराज्यपाल नजीब जंग दिये गए प्रजेंटेशन में बताया है कि आरक्षित श्रेणी के ऑटो परमिट को सामान्य वर्ग के लिए खोलने पर विचार चल रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा पब्लिक सर्विस में आ सकें।
एक नजर में ऑटो रिक्शा की स्थिति
पुराने ऑटो रिक्शा का रजिस्ट्रेशन 55 हजार
सुप्रीम कोर्ट ने नए परमिट दिये 45 हजार
अभी तक रजिस्टर्ड नए ऑटो रिक्शा 21073
नए ऑटो रिक्शा में कितने आरक्षित श्रेणी रजि. 2379
दूसरी बार मिले वैध आवेदन 1320
अभी कितने परमिट लेने वाला कोई नहीं 15 हजार
क्यों आरक्षित श्रेणी में परमिट लेने से कतराते हैं
जब कोई व्यक्ति आरक्षित श्रेणी में ऑटो रिक्शा परमिट लेता है तो बिक्री में दिक्कत होती है। यूं तो पांच साल तक ऑटो रिक्शा बिक्री प्रतिबंधित रखी गई है लेकिन जब भी बेचना है तो ग्राहक आरक्षित श्रेणी में सभी शर्तें पूरी करने वाला ढूंढना होगा। जबकि सामान्य वर्ग का ऑटो रिक्शा खरीदने पर वह लाइसेंस, बैज धारक किसी भी व्यक्ति को बेच सकता है। यही वजह है कि आरक्षित श्रेणी में होने के बावजूद वह सामान्य वर्ग का ऑटो रिक्शा परमिट लेना चाहता है।
सामान्य वर्ग के खरीदार लगा रहे चक्कर
पूर्वी दिल्ली में रहने वाले राजेश भटनागर और संजीव डोगरा ने करीब पांच महीने पूर्व ऑटो रिक्शा खरीदा था। सामान्य वर्ग में रजिस्ट्रेशन चाहिए लेकिन विभाग के पास खाली परमिट नहीं हैं। विभाग ने 28 फरवरी तक खरीदे गए ऑटो रिक्शा हो ही रजिस्ट्रेशन दिया गया है। राजेश भटनागर बताते हैं कि अगर आरक्षित वर्ग के लोगों ने सामान्य वर्ग में ऑटो रिक्शा न खरीदा होता तो शायद यह दिक्कत न झेलनी पड़ती।
