
आनी (कुल्लू)। यहां के एक होटल में बाल मजदूरी करते दो बच्चों को मनाली की एक निजी संस्था की पहल पर होटल मालिक के चंगुल से छुड़ाया गया है। संस्था को सूचना मिली थी कि आनी बाजार के एक होटल में बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है। इसके बाद संस्थान ने आनी पुलिस की सहायता से होटल में छापामारी की, जहां दो बच्चे मिले है। इन बच्चों को अब बाल कल्याण समिति में पेश किया जाएगा। मामले की पूरी छानबीन होने तक बच्चों को संस्था अपने संरक्षण रखेगी।
चाइल्ड हेल्प लाइन मनाली की सिटी समन्वयक शालिनी वत्स कामटा और सिटी प्रभारी अपर्णा श्री वास्तव ने बताया कि कस्बे में इन बच्चों से बाल मजदूरी करवा कर उनके साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि बाल श्रम (प्रतिबंधन एवं अधिनियम )1986 और लेबर एक्ट के तहत बाल मजदूरी एक कानूनी अपराध है। इसके अलावा बच्चों के माता-पिता की भी छानबीन की जाएगी और उसके बाद बच्चों को उनके हवाले कर दिया जाएगा। अगर बच्चे अनाथ हैं या मां-बाप बच्चों के साथ हिंसक बर्ताव करते हैं, तो बच्चों को संस्था अपने संरक्षण में रखकर उनके पालन पौषण से लेकर पढ़ाई तक की जिम्मेवारी उठाएगी। इस मौके पर आनी पुलिस की टीम के अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन मनाली के निदेशक केवल राम, सेंटर समन्वयक पवन के.कश्यप और अन्य सदस्य भी मौजूद थे। थाना प्रभारी आनी अपर्णा श्री वास्तव ने बताया की संस्था की सूचना पर पुलिस का दल भी मौके पर भेजा गया था। उन्होंने कहा कि होटल मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
1098 नंबर पर करें शिकायत
आनी (कुल्लू)। संस्थान के को-आर्डिनेटर पवन कश्यप ने बताया कि अभी तो यह शुरुआत है। इसके अलावा भी संस्थान की नजर में बाल मजदूरी के मामले हैं, जिस पर जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई भी कभी भी 24 घंटे निशुल्क हेल्प लाइन 1098 पर काल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सात जिलों चंबा, कुल्लू, सोलन, शिमला, मंडी, कांगड़ा और सिरमौर में बच्चों की सुरक्षा के लिए संस्था काम कर रही है।
