आत्महत्या के लिए उकसाने पर तीन को सात साल कैद

नंगल (रूपनगर)। नंगल शहर के नजदीकी गांव मेघपुर के युवक आकाशवीर के खुद को गोली मारकर आत्महत्या के मामले में दोषी करार दिए गए तीन लोगों को अदालत ने सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है। रूपनगर सशन कोर्ट की जज अमरजोत कौर भट्टी ने दोषियों के खिलाफ यह फैसला सुनाया। दोषियों को जुर्माना भरने के भी आदेश हुए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में इन्हें एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एडवोकेट अनुज ठाकुर ने ताया कि लाखों रुपये की ठगी का शिकार होने के बाद तनाव में आए आकाशवीर ने फरवरी महीने में खुद को गांव मेघपुर में गोली मार दी थी। चंडीगढ़ में उसके संपर्क में आए शारदा राणा पत्नी सुरिंद्र कुमार, संदीप राणा पुत्र सुरिंद्र कुमार निवासी देहरा जिला कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के अलावा सुरिंद्र पाल पुत्र बलदेव सिंह निवासी मकान नंबर-50 बादल कालोनी मंडी किलेयां वाली डाकखाना लंबी, जिला मुक्तसर ने उसे पहले तो भ्रमित किया। फिर उस पर इस बात का दबाव बनाया गया था कि वह उन्हें पैसे दे। घर में अकेला रहने वाला आकाशवीर इन लोगों के झांसे में आ गया और धीरे-धीरे उसने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर इन्हें लाखों रुपये दिए। जैसे-जैसे उक्त तीनों का लालच बढ़ता गया, वैसे-वैसे युवा आकाशवीर तनाव की स्थिति में पहुंच गया। बाद में उसने एक वीरान पोल्ट्री फार्म में खुद को गोली मार दी। मामला नंगल पुलिस को समझते देर न लगी। क्योंकि मरने से पहले इस युवक ने कई पेजों का सुसाइड नोट भी लिखा था। इसके आधार पर नंगल के एसएचओ केसर सिंह ने उक्त तीनों को जल्द काबू कर लिया। चालान पेश होने के बाद केस रूपनगर की सेशन कोर्ट में चला। इस मामले की तमाम पैरवी आकाशवीर की बहन जागृति की ओर से एडवोकेट अनुज ठाकुर ने की।
रूपनगर सेशन कोर्ट की जज अमरजोत कौर भट्टी ने धारा 306 आईपीसी के तहत बाद दोपहर फैसला सुनाते हुए उक्त तीनों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। इन्हें 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। शारदा राणा आर्म्स एक्ट के तहत सात साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई। पांच हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना हुआ है। इस महिला ने ही मरने वाले आकाशवीर को बिना लाइसेंसी हथियार उपलब्ध करवाया था, जिसका जिक्र आकाशवीर ने सुसाइड नोट में भी किया था।

मेरे भाई को मिला इंसाफ: जागृति
अदालत में मौजूद रही जिला ऊना के गांव बाथू की आकाशवीर की बहन जागृति राणा ने इंसाफ मिलने की बात कही है। जागृति ने कहा कि सुसाइड नोट में उसके भाई ने उससे गुहार लगाई थी कि वह उसकी मौत के दोषियों को सजा जरूर दिलाए। राणा ने क हा कि आज उसके भाई को इंसाफ मिला हैै

Related posts