
नई दिल्ली। एयरहोस्टेस सुसाइड केस में फरार आरोपी चनशिवरूप सिंह को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपी की फरारी के कारण हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा व उनकी सहयोगी अरुणा चड्डा अभी तक जेल की हवा खा रहे हैं। अदालत भी मामले पर गंभीर है और दोनों को जमानत देने से इंकार कर दिया है।
इस मामले के सामने आने के करीब तीन माह बाद दिल्ली पुलिस ने चनशिवरूप को गिरफ्तार किया था। जेल से बचने के लिए उसने छह नवंबर 2012 को सरकारी गवाह बनने की पेशकश की। रोहिणी स्थित एसीएमएम डी के जंगाला ने उसकी पेशकश स्वीकार करने के बाद 27 नवंबर 2012 को धारा 164 के अंतर्गत बयान दर्ज किया था।
सुसाइड केस में गोपाल कांडा और अरुणा चड्डा के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए उसका बयान बेहद अहम है। लेकिन वह कहां है किसी को नहीं पता। पुलिस को जानकारी मिली थी कि पहले दुबई गया और वहां से अमरीका चला गया। इसके लिए उसने अमरीका में अपने कुछ जानकारों की मदद ली थी। हालांकि पुलिस उसके खिलाफ पहले ही एलओसी जारी करवा चुकी है। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त पी करुणाकरण ने बताया कि इस दिशा में काम चल रहा है, जल्दी ही कोई नतीजा सामने आएगा।
