
चंबा। निर्धन परिवार से संबंध रखने वाले बच्चों की पढ़ाई में अब फीस बाधा नहीं बनेगी। सरकार ने अब छठी से आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा मुहैया करवाने का फैसला लिया है। इससे पहले पहली से पांचवी तक छात्रों को मुफ्त शिक्षा की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके चलते निर्धन परिवार से संबंधित प्रदेश भर के लाखों छात्र-छात्राओं को सुविधा मिलेगी। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने छठी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों से फीस न वसूलने का निर्णय लिया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छठी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अब मासिक फीस अदा नहीं करनी पड़ेगी। इससे प्रदेश में निर्धन परिवार के लाखों बच्चों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सिंतबर माह से छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों से मासिक फीस नहीं देनी पड़ेगी। पहले छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को हर माह 11 रुपये मासिक फीस चुकानी पड़ती थी। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग के डिप्टी डीओ ओपी हीर ने बताया कि छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों से किसी प्रकार की फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह नियम सितंबर माह से लागू हो जाएगा। सरकार की ओर से इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। पहले सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत छह से 14 साल तक के बच्चों के लिए फ्री शिक्षा सुविधा को शुरू किया है। इसके बाद स्कूली बच्चों के लिए मिड-डे मील की व्यवस्था की गई है। फिर पहली से दसवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफार्म का प्रावधान किया। अब सरकार ने छठी से आठवीं कक्षा तक के बच्चों से फीस न लेने का निर्णय लिया है। इससे फीस चुकाने में असमर्थ बच्चों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहुलियत मिलेगी।
