
गलोड़ (हमीरपुर)। उपतहसील गलोड़ की ग्राम पंचायत नारा के नलवीं गांव में दो मकान आग की चपेट में आ गए, जबकि दो अन्य मकान भी आग की चपेट में आ गए हैं। आग बुझाने के चक्कर में चार लोग झुलस गए हैं। प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक केंद्र गलोड़ में भर्ती करवा दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरवार दोपहर केहर सिंह निवासी नलवीं के दो कमराें और एक रसोई, धर्म सिंह का एक स्लेटपोश कमरा जल कर राख हो गया है। ओंकार सिंह, शशि कुमार के मकानों को भी आग की लपटों से नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अभी तक आग लगने का कारण शाट सर्किट बताया जा रहा है। आगजनी के समय केहर सिंह के घर में बुजुर्ग महिला अकेली ही थी। केहर सिंह मजदूरी करने गया हुआ था। और बहु मायके गई हुई थी। जैसे ही आग केहर सिंह की रसोई में लगी तो यहां रखे सिलेंडर ने आग पकड़ ली। और भयानक रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते दोनों मकान आग की चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने आगजनी की सूचना दमकल विभाग को दी। विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। हालांकि सड़क खस्ताहाल होने से दमकल वाहन मकानों के करीब नहीं पहुंच पाया। घटना में स्थानीय ग्रामीण शशी, कौशल्या, रिखी राम, ओंकार सिंह का आठ वर्षीय बेटा आग की चपेट में आ गए हैं। सभी को 108 एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गलोड़ में भर्ती करवा दिया गया है। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हल्का पटवारी बाबू राम ने मौके पर रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेज दी गई। आग से लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया है है। पुलिस चौकी गलोड़ के एएसआई नरदेव सिंह ने भी मौके जायजा लिया। प्रारंभिक छानबीन में शार्ट सर्किट का मामला सामने आया है। लेकिन गांव वालों तथा फायर ब्रिगेड के कर्मचारियो की सूझबूझ से एक बडा हादसा होने से टल गया। उधर, नायब तहसीलदार गलोड़ सीता राम भारद्वाज ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। और केहर सिंह के पीड़ित परिवार को तत्काल फौरी राहत के तौर पर दस हजार, धर्म सिंह के परिवार को पांच हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की।
