
पांगणा (मंडी)। करसोग वन परिक्षेत्र के जंगलों में बीती रात से लगी आग से लाखों की वन संपदा राख हो गई है। सनारली वीट के वाझु जंगल में लगी आग को बुझाने में वीरवार को वन रक्षक और वन कर्मी के साथ दर्जनों ग्रामीण जुटे रहे, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जंगल में लगी भीषण आग से अब तक करीब 12 से 15 हेक्टेयर में जंगली जीव जंतुओं के साथ वन संपदा में बान, देवदार, कायल, चीड़ की नई पौध और अन्य प्रजातियां भी नष्ट हो गई हैं।
जंगल में आग लगने के कारणों का पता अभी नहीं चल पाया है। वही, गांव खलाच, वाझु, ब्राहधार, शैंथल, नौतोड गांव के निवासी प्रेमलाल, हरीराम, रामसिंह, मणीचंद, रेवतराम, संवारी देवी, चूड़ी देवी, इंद्रा देवी, मीरा देवी और वन विभाग के वन रक्षक कालीदास, भीम सिंह मेहता, पांगणा परिक्षेत्र के वन रक्षक उत्तम, वन कर्मी हरीराम आदि अपनी जान जोखिम में डाल कर दिन भर आग बुझाते रहे।
वन परिक्षेत्र अधिकारी जीसी शांडिल ने कहा कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी है। आग को बुझाने के लिए अन्य वन कर्मियों को भी बुुलाया जा रहा है। आग से मामूली वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जल्द ही आग को काबू कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा की केलोधार सरांडा में स्थानीय लोग आग बुझाने में सहयोग नहीं दे रहे हैं। वहीं, उनके इस रवैये पर ग्रामीणों के वनाधिकारोें को भी विभाग छीन सकता है।
