
लुधियाना: अपने बेटे को पुलिस के चुंगल से बचाने के लिए मकान गिरवी रखने जा रहे पिता की मौत के मामले में आज उस समय मामला तूल पकड़ गया, जब आरोपी पक्ष ने डी.सी.पी. हर्ष बांसल से इस मामले की गहन जांच करने की गुहार लगाई। पीड़ित पक्ष ने पहले थाना बस्ती जोधेवाल अथवा बाद दोपहर नैशनल हाईवे जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि अगर आज रात तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए तो वीरवार सुबह से ही पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। नैशनल हाईवे जाम करने से वाहनों की लंबी कतारें वहां लग गई। वहीं भारतीय मुस्लिम कौंसिल के पंजाब प्रधान हाजी मोहम्मद फारुख ने कहा कि ऐसे आरोपी ही किसी भी समुदाय के लिए खतरनाक है जो अपनो को ही पहले पुलिस से पकड़वाते हैं और बाद में पुलिस के नाम पर पैसे लेकर लोगों को छुड़वाते हैं। ऐसी गंदगी समाज से साफ होनी चाहिए।
उन्होंने डी.जी.पी. पंजाब व पुलिस कमिश्नर से अपील की कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने बेशक मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी सरेआम मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस के आलाधिकारियों से मिला और वहां उसने शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया जिससे साबित होता है कि यह नेता पुलिस के नाम पर पैसा लेता है और पुलिस को पैसे देता है। एक आरोपी डी.सी.पी. का नाम लेकर पीड़ित पक्ष को चैलेंज कर रहा है कि उसकी बात हो चुकी है, वह मामला कैंसिल करवा लेगा, बाद में वह उसके खिलाफ आवाज उठाने वालो को देखेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री अथवा डिप्टी मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि अगर इस तरह से पुलिस प्रशासन कांग्रेसी नेताओं का पिट्ठू बना रहेगा तो लोगों को कहां इंसाफ मिलेगा। दूसरी ओर धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे बबलू कुरैशी व डाक्टर अश्विनी पासी ने कहा कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल करने का फैसला लिया है। यह पुलिस की कार्यप्रणाली व उसकी नीयत को साबित करता है कि मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए।
