
टाहलीवाल (ऊना)। लगातार पेश आ रही पीने के पानी की समस्या को लेकर आखिरकार ग्रामीणों का गुस्सा फूट ही पड़ा। मंगलवार को ललड़ी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने आईपीएच कार्यालय टाहलीवाल के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आईपीएच विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। ग्रामीणों ने विभाग को चेताया कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र ही समाधान नहीं हुआ तो वे टाहलीवाल में चक्का जाम करने से परहेज नहीं करेंगे। ललड़ी गांव से गुरजीत सिंह, शिव कुमार, रमन कुमार, रमेश चंद, मोहन लाल, सुनील, विशाल, बहादुर सिंह, मिंदो देवी, कश्मीरो देवी, सीमा देवी, भोली देवी, अर्चना, तिलोक चंद, दर्शन सिंह, कर्मचंद, रामदास, मुकेश खुल्लर, प्रदीप कुमार सहित कई ग्रामीणाें ने बताया कि उनके गांव में पीने की पानी की समस्या कई महीनों से चली आ रही है। वार्ड नंबर आठ में पीने के लिए सिंचाई योजना से पानी लाना पड़ रहा है। लोग मटमैला पानी पीने के लिए विवश हैं। वार्ड नंबर दो, छह एवं नौ में भी पेयजल की भारी समस्या बनी हुई है। विभाग के अधिकारियों को बार-बार अवगत करवाने के उपरांत भी कोई हल नहीं निकल पाया है। ग्रामीणाें ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए कई नलाें के कनेक्शन बंद हुए लगभग एक साल बीत चुका है लेकिन नलों में पीने का पानी नहीं आ रहा। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की सप्लाई का भी समय निर्धारित नहीं है। विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने चेताया कि अगर शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे चक्का जाम करेंगे।
टाहलीवाल से आईपीएच के कनिष्ठ अभियंता एनके शर्मा ने बताया कि पूर्व में जिस ठेकेदार को पाइपें जोड़ने एवं बिछाने का काम सौंपा गया था, वह काम को बीच में ही छोड़ गया है। अब इस काम को दूसरे ठेकेदार को दिया गया है। उन्हाेंने माना कि नई पाइप लाइनाें को जोड़ने एवं ठेकेदार की वजह से विलंब होने के कारण दिक्कत पेश आई है। नई शुरू की गई योजनाओं से ग्रामीणों को पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है।
