असफलता से मत मानो हार… मिलेगी सफलता

नई दिल्ली। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता अनुपम खेर के बारे में यह बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि उनका पहला प्यार, पहली फिल्म व पहले प्रयास की असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। सिरीफोर्ट सभागार में अनुपम खेर अभिनीत नाटक ‘कुछ भी हो सकता है’ उनकी इसी असफलता और सफलता को बयां करता है।
अनुपम ने एकल प्रस्तुति ‘कुछ भी हो सकता है’ के माध्यम से असफलताओं के आगे कभी हार न मानने का संदेश दिया। वे अपने संघर्षमय जीवन में आगे बढ़ते गए और सफलता हासिल कर ली। फिल्मी दुनिया में उन्होंने 400 से अधिक यादगार फिल्में दीं। साथ ही 300 से अधिक नाटकों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। नाटक यह सब बयां करते हुए आगे बढ़ता है।
प्रस्तुति के दौरान अनुपम खेर ने दर्शकों से भी जीवन से जुड़े कई प्रश्न पूछे। इससे पहले शिमला से मुंबई तक का सफर उन्होंने नाटक के माध्यम से मंचित किया। कार्यक्रम का आयोजन संस्था ‘लोकसाथी’ की ओर से किया गया। इस मौके पर संस्था की ओर से चार दिवसीय कैंसर जागरूकता कैंपेन की शुरूआत की गई। अनुपम खेर ने कैंसर पीड़ित बच्चों के सहायतार्थ शो का आयोजन किया।

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