अवैध के साथ वैध कामों पर भी ब्रेक

अंब (ऊना)। यदि आप अभी घर बनाने का सपना देख रहे हैं तो आपको इंतजार करना पड़ेगा। वजह यह है कि जिला में रेत और बजरी भी डॉलर की राह पर हैं। इनकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला में अवैध खनन माफिया पर लगाम कसते-कसते जिला भर में अपने सपनों का आशियाना बनाने वालों के भी सपनों पर लगाम लग गई है। हालत यह है कि कभी महज 600 रुपये में मिलने वाली रेत की एक ट्राली अब लगभग 2500 रुपये की दर पर जा पहुंची है। लगभग 800 रुपये में मिलने वाली बजरी की ट्राली भी 3 हजार रुपये का आंकड़ा छू गई है। जबकि ढुलाई का खर्च भी अलग से चुकाना पड़ रहा है। हालत यह है कि लाइसेंसी ठिकानों से भी भवन निर्माण के लिए रेत और बजरी लेना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। पंजाब के कारोबारी महंगे दामों पर रेत और बजरी हिमाचल से खरीदकर स्थानीय मार्केट में भी हड़कंप मचा रहे हैं।
स्थानीय लोगों में राजकुमार, अशोक शर्मा, मनोहर लाल, मनोज, विक्रम सिंह, राजेश धीमान, अरविंद्र कुमार, सुनील ठाकुर, रणवीर सिंह, शमशेर सिंह, राज कुमार शर्मा, राकेश चौधरी और मुकेश कुमार की मानें तो उनके निर्माणाधीन रिहायशी मकानों का काम 30 फीसदी ही पूरा हो पाया है। उसके बाद उन्हाेंने काम बंद कर दिया है। इसका मुख्य कारण है बजरी के भाव में आई बढ़ोतरी। उन्हाेंने बताया कि पहले भी रेत बजरी आमतौर पर क्रशर से ही आती थी। अब भी वहीं से ही सप्लाई की जा रही है। सरकार ने खनन पर रोक तो लगा दी लेकिन बजरी की तस्करी आज भी जारी है। यदि इससे कोई परेशान हो रहा है तो आम जनता। स्थानीय लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जरूरतंमद लोगों को रेत बजरी के दामों में रियायत दी जाए और रिहायशी मकानों में उपयोग होने वाली बजरी की कीमत कम की जाए। इस संबंध में एसडीएम अंब सुखदेव सिंह का कहना है कि लोगों की शिकायत आई है। छानबीन कर जरूरी प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

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