
रोहडू(सुंदर औक्टा) हिमाचल किसान सभा की रोहडू इकाई ने शुक्रवार को बैठक का आयोजन किया। बैठक में सभा ने अवैध कब्जों को नियमित करने की मांग उठाई। सभा के सदस्यों ने सरकार की ओर से चलाई जा रही अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम का विरोध किया है।
किसान सभा की रोहडू इकाई अध्यक्ष सुखदेव चौहान ने बताया कि कांग्रेस और भाजपा ही किसान और बागवान विरोधी हैं। भाजपा ने वर्ष 2002 में 20 बीघा तक के अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए आवेदन मांगे थे। इस दौरान प्रदेश में 1,67,339 लोगों ने अवैध कब्जों को नियमित करने के लिए आवेदन जमा करवाए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बेदखली करनी शुरू कर दी। इनमें अधिकतर वे किसान थे, जिन्होंने भाजपा सरकार के समय जमीन को नियमित करने के आवेदन दिए थे। वहीं, इसके बाद भाजपा सरकार ने सत्ता में आने पर बेदखली का कार्य शुरू कर दिया।
किसान सभा के क्षेत्रीय इकाई सचिव राजकमल जिंटा ने बताया कि एक तरफ सरकार किसानों की बेदखली कर रही है। वहीं, दूसरी ओर बहुराष्ट्रीय कंपनियों को जमीनें दी जा रही हैं। कांगड़ा और चंबा में 20 हजार एकड़ भूमि चाय बागान के लिए लीज पर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी मांगों लेकर हिमाचल किसान सभा 15 मार्च को अधिवेशन करेगी। इस मौके पर रोहडू कमेटी सचिव राजेंद्र नेगी, गोपाल सांजटा, विनोद ठाकुर, प्रेम चंद, लायक राम शर्मा, खुशी राम, जोगिंद्र सिंह, चुन्नी लाल, मान सिंह, जमकू राम सहित किसान सभा के कई सदस्य उपस्थित थे।
ये हैं मुख्य मांगें
किसान सभा की मांगों में किसानों के कब्जे वाली भूमि की बेदखली बंद करना, सरकारी क्षेत्र और भूमि कानून 1971 की धाराओं में किए गए संशोधन को रद्द करना। भूमिहीन किसानों को पांच बीघा भूमि दे और कृषि योग्य भूमि के भू उपयोग को गैर कृषि कार्यों के लिए नहीं न बदलना शामिल हैं।
