अमेरिका में भारतीय विद्यार्थियों की संख्या 3.5 फीसदी घटी

अमेरिका में भारतीय विद्यार्थियों की संख्या 3.5 फीसदी घटी

वाशिंगटन: अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय विद्यार्थियों की संख्या भारतीय मुद्रा के तीव्र अवमूल्य के चलते वर्ष 2012-13 के अकादमिक वर्ष में 3.5 फीसदी घट गई। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2012-13 के दौरान अमेरिका में भारत के कुल 96,754 विद्यार्थी पढ़ रहे थे जो उसके पिछले साल से तीन फीसदी कम है।

अमेरिका में लगातार तीन साल से भारतीय विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (आईआईई) द्वारा जारी वर्ष 2013 के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में विदेशी विद्यार्थियों में भारतीय मूल के छात्र प्रमुख है और इसी के साथ भारत चीन के बाद दूसरे शीर्ष स्थान पर है।

अमेरिका में कुल विदेशी विद्यार्थियों में शीर्ष चीन, भारत और दक्षिण कोरिया के छात्र-छात्राओं की संख्या 49 फीसदी है। चीन के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है जबकि भारत और दक्षिण कोरिया के विद्यार्थी घट रहे हैं। आईआईई के उप उपाध्यक्ष (शोध एवं मूल्यांकन) राजिका भंडारी ने कहा कि रूपए के अवमूल्यन के चलते भारतीय विद्यार्थियों के लिए अपने देश के बाहर अध्ययन करना महंगा होता जा रहा है।

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