अब सॉफ्टवेयर दूर करेगा रोगियों की भागमभाग

चंडीगढ़: पी.जी.आई. जल्द ही एक नई शोहरत हासिल करने जा रहा है। एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है जो एक ही विंडो पर इलाज से जुड़े तमाम टैस्ट की औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। रोगियों को एम.आर.आई., अल्ट्रासाऊंड और अन्य टैस्ट के लिए एक से दूसरी विंग में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। पी.जी.आई. में नई सुविधा शुरू होने से रोगियों को एक टैस्ट की फीस के लिए एक विंग और दूसरे टैस्ट की औपचारिकता के लिए दूसरे सैंटर में नहीं जाना पड़ेगा।

पी.जी.आई. प्रबंधन सिंगल विंडो सिस्टम की योजना तैयार कर चुका है। रोगियों को विभिन्न विभागों के चक्कर न काटने पड़े और लंबी कतारों में न खड़ा रहना पड़े इसलिए ऐसी योजना बनाई जा रही है। पी.जी.आई. की ओ.पी.डी. में हर रोज सात हजार रोगी उपचार के लिए आते हैं। रोगियों को रजिस्ट्रेशन और अलग-अलग प्रकार के टैस्ट करवाने के लिए काऊंटर बनाए गए हैं।

यही नहीं, पी.जी.आई. इमरजैंसी, ट्रामा सैंटर, वार्ड, प्राइवेट वार्ड, एडवांस पैडिएट्रिक सैंटर, कार्डियक सैंटर, आई सैंटर को ऑनलाइन करने की योजना भी बना रहा है। जिससे मरीज की सारी जानकारी उपलब्ध हो सके। पी.जी.आई. के कई विभागों में रोगियों से जुड़े रिकार्ड को कम्प्यूटर के में कैद किया जा रहा है।

रेडियोडायग्नोसिस विभाग और एडवांस आई केयर सैंटर में रोगियों की सारी जानकारी डॉक्टर्स कम्प्यूटर में रख रहे हैं। हालांकि किसी प्रकार का रिस्क न लेते हुए मरीज की फाइल तैयार की जाती है और उसके सारे टैस्ट फाइल पर होते हैं। पी.जी.आई. के विशेषज्ञों ने बताया कि अब पी.जी.आई. का वेबपोर्टल बदला जा रहा है। ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। अब नए वेबपोर्टल में ओ.पी.डी. और अन्य जानकारी भी उपलब्ध करवाई गई है। एक साल के अंदर सी-डैक का नया सॉफ्टवेयर के जरिए मरीजों की हालत, रोगियों का रिकॉर्ड मालूम हो सकेगा।

पी.जी.आई. प्रवक्ता मंजू वडवालकर का कहना है कि एक साल के अंदर पी.जी.आई. में सिंगल विंडो सिस्टम की शुरूआत हो जाएगा। संस्थान में इलाज को आने वाले रोगियों को इससे बहुत फायदा मिलेगा। सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने के लिए पी.जी.आई. ने सी-डैक सॉफ्टवेयर कंपनी को खास किस्म का सॉफ्टवेयर बनाने का जिम्मा सौंपा है।

Related posts