अब जाली हस्ताक्षर किए तो पकड़ लेगी मशीन

धर्मशाला।(आत्मा राम) प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेज में जॉली हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ना अब आसान हो जाएगा। प्रदेश में फोरेंसिक साइंस लैब में पेन के प्रेशर से जाली हस्ताक्षरों की सच्चाई का पता लगाया जा सकता है। धर्मशाला की क्षेत्रीय लैब में फोरेंसिक एक्सपी 4010-डी मशीन के तहत धोखेबाजों को पकड़ा जा सकता है। इस मशीन से यह पता लगाया जा सकता है कि हस्ताक्षर और लिखा गया नोट सही है या नहीं। वहीं, इस मशीन से जाली मुद्रा के बारे में भी पता लगाया जा सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने धर्मशाला की क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब में स्थापित फोरेंसिक एक्सपी 4010 डी मशीन टर्की से मंगवाई गई है। यह भारत में दूसरी मशीन है जो धर्मशाला में स्थापित की गई है। इससे पहले ऐसी मशीन लखनऊ में स्थापित है। धर्मशाला में फोरेंसिक एक्सपी 4010डी मशीन से हिमाचल सहित अन्य राज्य में प्रमाण-पत्रों और अन्य दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी के मामलों से पर्दा उठाया जा सकता है। प्रदेश फोरेंसिक साइंस लैब के निदेशक डा. अरुण शर्मा तथा डा. मीनाक्षी महाजन ने बताया कि फोरेंसिक एक्सपी 4010 डी मशीन से हस्ताक्षर, लिखित नोट और जाली मुद्रा के बारे में पर्दाफाश किया जा सकता है।

क्या है मशीन की खासियत
फोरेंसिक एक्सपी 4010 डी एक हायपर स्पेक्ट्रल मशीन है। जिससे पेपर पर पेन के पड़ने वाले दबाव से पता लगाया जा सकता है कि हस्ताक्षर एक ही व्यक्ति के हैं या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने हस्ताक्षरों से छेड़छाड़ की है। वहीं, मशीन से यह भी जाना जा सकता है कि प्रमाण-पत्रों पर हस्ताक्षर संबंधित व्यक्ति के हैं या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी कॉपी की है।

टर्की के वैज्ञानिक प्रो हाजीजादे ने दिया प्रशिक्षण
टर्की सरकार के अनुसंधान संस्थान ट्यूबीटेक में फोरेंसिक एक्सपी-4010 डी मशीन बनाने वाले वैज्ञानिक प्रो. फिकरेट हाजीजादे ने क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब में तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान डा. मीनाक्षी महाजन, मॉमराज शर्मा सहित अन्य लोगों को इस मशीन के बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने हस्ताक्षरों और दस्तावेजों की जांच में अपनाई जाने वाली तकनीक की खूबियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर दिल्ली से डा. प्रशांत दत्त ने भी फोरेंसिक एक्सपी 4010डी मशीन के बारे में जानकारी दी।

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