
चंडीगढ़: चाहे वह शहर का कोई घर हो, दुकान या फिर कोई अन्य प्रॉपर्टी। इसका पूरा रिकॉर्ड यू.टी. प्रशासन के एस्टेट ऑफिस के पास होता है। मगर एस्टेट ऑफिस के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से अब तक कई लोगों की प्रॉपर्टी से जुड़ी फाइलें चोरी हो चुकी हैं। यही वजह है कि डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश जारी किए हैं कि अब कोई फाइल गुम होने का मामला आता है तो उसकी एफ.आई.आर. पुलिस के पास दर्ज करवाई जाएगी। यही नहीं, वह फाइल जिस किसी ब्रांच से गुम होगी उसकी जिम्मेदारी भी उसी ब्रांच की होगी।
यानी एस्टेट ऑफिस के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से अब लोगों को अपनी प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वह फाइल वही ब्रांच तैयार करके देगा जिससे संबंधित वह फाइल होगी। डी.सी. के निर्देश में कहा गया है कि फाइल जिस ब्रांच की होगी और जिस कर्मचारी के पास फाइल को होना चाहिए था, उनको इस बारे में जवाब भी देना पड़ेगा। इसके साथ ही फाइल फिर से तैयार करने के लिए अलग-अलग विभागों में फाइल से संबंधित जो भी डॉक्यूमैंट्स होंगे उन्हें इकट्ठा करना भी उसी ब्रांच के जिम्मे होगा। गौरतलब है कि एस्टेट ऑफिस के पास अब इतनी जगह ही नहीं बची है कि यहां अतिरिक्त फाइलें रखी जा सकें। जिस कारण फाइलें गुम होने के मामले आ रहे हैं।
कई अहम फाइलें हो चुकी हैं गुम
एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के अनुसार एक फाइल गुम होने से न केवल लोगों को नुक्सान उठाना पड़ता है बल्कि विभाग के कामकाज पर सवाल उठने लगते हैं। जानकारी के अनुसार इस साल अभी तक एस्टेट ऑफिस से लगभग 30 फाइलें गुम हो चुकी हैं। फाइल गुम होने के मामले उस समय सामने आए जब लोगों ने एस्टेट ऑफिस के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि अधिकारी खुद मानते हैं कि कुछ कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से फाइलें गुम हो गईं। उस फाइल में शामिल डाक्यूमैंट फिर से मिल सके तो ठीक है वरना उस फाइल को फिर से तैयार करना काफी परेशानी वाला काम होगा।
कम्प्यूटरीकरण अभी भी सपना
एस्टेट ऑफिस में फाइलों के दबाव को देखते हुए ही यहां की कार्यप्रणाली को कम्प्यूटरीकरण करने की योजना लंबे अरसे से चली आ रही है लेकिन अभी भी यह योजना कागजों तक ही सीमित है। यही वजह है कि एस्टेट ऑफिस का सारा काम अभी भी फाइलों में किया जा रहा है। हर महीने दो या चार लोग एस्टेट ऑफिसर्ज के पास पहुंचते जिनके केस से संबंधित फाइलें ही नहीं मिल पा रही थीं।
अस्सिटैंट एस्टेट ऑफिसर के राहुल गुप्ता का कहना है कि मेरे कार्यकाल में ही अब तक कई लोग फाइल गुम होने की शिकायत लेकर आ चुके हैं। हम चाहते हैं कि लोगों को अपने ही कागजात के लिए एस्टेट ऑफिस के चक्कर न काटने पड़ें। इसलिए सभी ब्रांचों की जिम्मेदारी अब तय हो जाएगी।
