
नादौन (हमीरपुर)। सेवानिवृत्त अर्द्ध सैनिक कल्याण बल एसोसिएशन ने मांगे पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन का अल्टीमेटम दे दिया। यशपाल साहित्य सदन नादौन परिसर में एसोसिएशन के अध्यक्ष तरसेम जंबाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। प्रदेशाध्यक्ष तरसेम सिंह जंबाल ने कहा कि सेवानिवृत्त अर्द्ध सैनिकों से केंद्र सरकार हर स्तर पर भेदभाव कर रही है।
भारतीय सेना के सेवानिवृत्त सैनिकों को तो रिटायरमेंट के समय के कुल वेतन पर 50 प्रतिशत पेंशन दी जाती है, जबकि इस वर्ग के साथ भेदभाव करके मानक बेसिक पे पर 55 प्रतिशत पेंशन अदायगी बनाया गया है। अर्द्ध सैनिक भी भारतीय सेना की तरह देश के अग्रिम मोर्चों पर विपरीत मौसम में दिन रात सीमाओं पर कंधे से कंधा मिलाकर पहरा देते हैं, लेकिन जब वेतन तथा पेंशन की बात आती है तो अर्द्ध सैनिक बलों को हाशिए पर रखा जाता है, जिसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जंबाल ने मांग करते हुए कहा कि कैंटीन सुविधा तो दी गई परंतु कैंटीनों की संख्या बहुत कम है। पिछले दिन सरकार को मांग पत्र भेजा गया था, परंतु उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने से वर्ग में रोष है। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि अब सरकार ने कुछ नहीं किया तो सेवानिवृत्त अर्द्धसैनिक बल सड़क पर उतर कर हक की लड़ाई लड़ेंगे। बैठक में नंद लाल, दलेल चंद, किशोरी लाल, चौधरी चंदू लाल, ईश्वर चंद, शेर चंद, बिशन दास, हरि सिंह, बलबीर सिंह जंबाल मौजूद रहे।
