
टोक्योः जापान के जलीय विवादित क्षेत्र में चार चीनी जहाजों के 24 घंटे से अधिक रुकने की घटना को लेकर आज जापान ने चीन के समक्ष कडा विरोध दर्ज कराया।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच पूर्वी चीनी समुद्र के कुछ द्वीपों को लेकर काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। लेकिन इन बातों को ज्यादा तूल न देते हुए जापान ने चीन के साथ शिखर वार्ता की इच्छा जताई है। लेकिन जापान इस बातचीत को बिना शर्त चाहता है।
जापान के मुख्य मंत्रिमंडलीय सचिव चौशिहिदे सुगा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह काफी दुखद और पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर जापान ने आज तडके चीनी दूतावास के एक राजनयिक को तलब कर अपना विरोध जताते हुए जहाजों को तत्काल वहां से हटाने को कहा। ये जहाज दोपहर बाद वहां से रवाना हो गए।
उधर चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के जलीय क्षेत्र में अवैध रुप से घुसने वाली जापानी नौका के खिलाफ चीनी जहाजों ने यह कार्रवाई की थी। चीन के राज्य महासागरीय प्रशासन ने अपने बयान में कल कहा था कि तटरक्षक बल के चार जहाज उन द्वीपों के आसपास नियमित गश्त कर रहे थे।
