अपनी मांगों को लेकर किसानों ने चीफ इंजीनियर का दफ्तर घेरा

अमृतसर: बिजली संबंधी किसानों मजदूरों की मुश्किलों को लेकर आज गर्मी में हजारों किसानों, मजदूरों, बीबियों ने किसान संघर्ष समिति पंजाब के झंडे तले चीफ इंजीनियर बार्डर रेंज अमृतसर के दफ्तर आगे धरना दिया और अपनी मांगों सम्बन्धित एम.डी. पावर कॉम को मांगपत्र चीफ इंजीनियर के माध्यम से भेजा।

राज्य प्रधान सतनाम सिंह पन्नू और महासचिव सविन्द्र सिंह चुताला ने कहा कि उदारीकरण की साम्राज्यीय नीतियों पर चलते कृषि धंधा घाटे का सौदा हो चुका है और लाखों किसान मजदूर खुदखुशी कर चुके हैं, पर पंजाब सरकार की तरफ से बिजली बोर्ड का निगमीकरण करके ठेकेदारी व्यवस्था के द्वारा लगातार निजीकरण किया जा रहा है जिससे कृषि पेशा पूरी तरह तबाही के किनारे पर खड़ा है।

खेती मोटरों को बिजली मुश्किल के साथ 4-5 घंटे मिल रही है और पावर कॉम की तरफ से लगातार खर्चों का फालतू बोझ डाल कर, पिछली सिक्योरिटियां बढ़ा और बिजली 8 रुपए यूनिट महंगी करके खपतकारों को दोनों हाथों लूटा जा रहा है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर, सुखविन्द्र सिंह सभरा, गुरबचन सिंह चब्बा ने मांग की है कि बादल सरकार की तरफ से मानी हुई मांग के मुताबिक पावर कॉम 5 एकड़ से कम वाले किसानों को ट्यूबवैल कनैक्शन देने के अमल में तेजी लाए, इस साल दिए जा रहे 25000 कनैक्शनों को तुरंत जारी किया जाए। इसी तरह किसान नेता गुरलाल सिंह पंडोरी रण सिंह, हरप्रीत सिंह सिधवां और बीबी जगीर कौर कलेर घुमाण ने बादल सरकार और पावर कॉम की सख्त निंदा करते मांग की है कि 2003 एक्ट के द्वारा लाखों रुपए के खपतकारों को डाले जुर्माने और उन पर किए पर्चे रद्द किए जाएं।

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