
ऊना। छात्रों के निलंबन के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का संघर्ष जारी है। आमरण अनशन पर बैठे दो छात्रों का स्वास्थ्य धीरे-धीरे बिगड़ता जा रहा है। अभाविप की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि कालेज प्रशासन ने अभी तक मामले को सुलझाने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए हैं। कालेज के तीन छात्रों को अनुशासनहीनता के चलते कालेज प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया था। इनमें से एक ने अपने परिजनों को कालेज बुलाकर प्राचार्य तथा अन्य प्राध्यापकों से मिलवाया। भविष्य में अनुशासन भंग न करने की कसम खाने के बाद उस छात्र को बहाल कर दिया गया। अभी तक दो छात्र सस्पेंड चल रहे हैं। इनकी बहाली को लेकर ही अभाविप कार्यकर्ता आमरण अनशन पर हैं। अभाविप के जिला संयोजक अमित कटवाल ने बताया कि अनशन पर बैठे विकास बंटी की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है। बंटी सोमवार से आमरण अनशन हैं, जबकि तेजस्वी उपमन्यु मंगलवार से अनशन पर बैठे। दो दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक छात्रों के स्वास्थ्य की जांच को कोई भी टीम नहीं पहुंची है, जिससे कहीं न कहीं जिला प्रशासन की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है। वहीं क्रमिक हड़ताल भी लगभग छह दिन से लगातार जारी है। क्रमिक हड़ताल में एक-एक करके कार्यकर्ता शामिल होकर अपना विरोध जता रहे हैं। एबीवीपी के पूर्व इकाई अध्यक्ष जसविंद्र सिंह ने कहा कि जब तक छात्रों का निलंबन रद नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान यदि कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेवार कालेज एवं जिला प्रशासन होगा।
एबीवीपी ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
ऊना। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को उपायुक्त अभिषेक जैन को ज्ञापन सौंप कर कालेज प्रशासन के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। एबीवीपी के जिला संयोजक अमित कटवाल ने कहा कि ऊना महाविद्यालय प्रशासन राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को तंग करता आ रहा है। प्रशासन ने एबीवीपी के तीन प्रमुख कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया, जिनके पास संगठन की जिम्मेदारी है। वहीं उपायुक्त अभिषेक जैन ने एबीवीपी के ज्ञापन पर गौर करने के बारे में आश्वस्त किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप जड़ा कि इस मामले में जिला प्रशासन भी मौन बैठा है। इस मौके पर विकास शर्मा, मुकेश कुमार, मोहित शर्मा सहित कई एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद थे।
