
नई दिल्ली। अनधिकृत कॉलोनियों का नियमन करने के लिए जरूरी है कि वहां जनता के लिए स्कूल, अस्पताल, पार्क जैसी सुविधाएं हों। सरकार सुविधाएं विकसित करने के लिए बड़े प्लाट ढूंढ रही है। जहां बड़े प्लाट खाली पड़े हैं, उनका अधिग्रहण किया जा सकता है। शुरुआत उत्तम नगर स्थित मोहन गार्डन से हुई है जहां ढाई एकड़ जमीन का अधिग्रहण 200 बिस्तर वाले अस्पताल के लिए किया गया है।
दिल्ली सरकार के अधिकारी बताते हैं कि अनधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्य तेज करने के लिए शर्तें आसान की गई हैं। उसी के तहत ऐसी कॉलोनी में जहां सरकारी जमीन (डीडीए, डुसिब) नहीं है, वहां खाली पड़े बड़े निजी प्लाट का अधिग्रहण स्कूल व अस्पताल के लिए होगा। उत्तम नगर के मोहन गार्डन में अस्पताल बनाने के लिए उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना द्वारा जमीन अधिग्रहण की स्वीकृति देने के साथ ही डीडीए ने अनापत्ति प्रमाणपत्र भी दे दिया है। यह जमीन कृषि योग्य भूमि में शामिल थी। अधिग्रहण के बदले जमीन मालिक को पहली किस्त 1.35 करोड़ रुपये दे दी गई है।
डाली जाएंगी सीवर लाइन
शहरी विकास मंत्री अरविंदर सिंह ने कहा है कि, सभी नियमित अनधिकृत कॅालोनियों में सीवर लाइन डाली जाएंगी। अभी तक करीब एक सौ नियमित कॉलोनियों में सीवर लाइन डाली जा चुकी हैं। शहरी विकास मंत्री ने गांधी नगर के न्यू शांति मोहल्ला में रविवार को सीवर लाइन कार्य के उद्घाटन कार्यक्रम में यह जानकारी दी। अरविंदर सिंह ने बताया कि न्यू शांति मोहल्ला में 1600 मीटर लंबी लाइन डालने का काम 11 महीने में पूरा हो जाएगा। अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के क्रम में अब सीवर लाइन प्राथमिकता में है।
