
मंडी। प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ ने सरकार तथा शिक्षा विभाग पर पैट के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इस पर संघ ने रोष जाहिर किया है। संघ ने चेताया है कि यदि मांगों पर जल्द गौर नहीं किया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ ने शीतकालीन सत्र में सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की है। संघ हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए प्रशिक्षण संबंधी फरमानाें पर उग्र हो गया है। संघ ने इस निर्णय को भी तत्काल बदलने की मांग की है।
प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ सराज-द्वितीय के अध्यक्ष नंद लाल ठाकुर ने कहा कि पहले पैट भाजपा सरकार की उपेक्षा का शिकार होते रहे। अब कांग्रेस सरकार नई शर्तें इस वर्ग पर थोप रही है। संघ सरकार की अनदेखी के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। यदि फिर भी बात नहीं बनी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
उपाध्यक्ष डाबे राम ने कहा कि इस वर्ग की नियुक्तियां 2003-07 के बीच में हुई। उस समय एनसीटीई एवं आरटीई जैसी कोई शर्त उन पर लागू नहीं थी। इसी वर्ग में मर्ज हुए ग्रामीण विद्या उपासक आज रेगुलर हो चुके हैं। संघ ने प्रदेश सरकार से शीतकालीन सत्र के दौरान पैट के लिए ठोस नीति निर्धारित करने की मांग की है। एक सौ चार दिन के प्रशिक्षण में से शेष बचे प्रशिक्षण को जल्द पूरा करवाकर नियमित करने की मांग की है। शीतकालीन सत्र को देखते हुए सोमवार को सराज खंड-द्वितीय ने खंड मुख्यालय बालीचौकी में बैठक बुलाई है।
