
हमीरपुर।(नीरू) सवारियों से निर्धारित किराए से अधिक किराया वसूलना बस परिचालकों को महंगा पड़ सकता है। लिखित शिकायत मिलने पर विभाग परिचालकों को जुर्माना ठोकेगा। लगातार तीन शिकायतें मिलने पर बस रूट भी रद्द किया जा सकता है। साथ ही परिचालक का लाइसेंस भी रद्द होगा। ‘अमर उजाला’ अभियान के चलते विभाग ने सख्ती अमल में लाई है।
बसों के न्यूनतम बस किराया तीन रुपये निर्धारित किया गया है। तीन किमी. तक तीन रुपये प्रति सवारी का किराया निर्धारित है लेकिन बस परिचालक चार से पांच रुपये किराया वसूल रहे हैं। उल्टा यात्रियों को टिकट तक नहीं दिया जा रहा है। मुद्दे को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है जिसके चलते विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए मनमानी करने वाले बस परिचालकों पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार किसी भी परिचालक द्वारा किसी यात्री से मनमाना या अधिक किराया वसूल करने की लिखित शिकायत आती है तो संबंधित परिचालक का एक हजार रुपये तक का चालान किया जाएगा। साथ ही ऐसा न करने की हिदायत दी जाएगी। लगातार तीन लिखित शिकायतें आने पर परिचालक के लाइसेंस के साथ-साथ बस रूट भी रद्द किया जा सकता है।
रूट रद्द होने की ऐसे होगी प्रक्रिया-
परिचालक की लगातार तीन शिकायतें मिलने पर क्षेत्रीय परिवहन विभाग उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेगा। साथ ही संबंधित बस का रूट रद्द करने की सिफारिश करेगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पास किसी भी बस का रूट परमिट रद्द करने की शक्तियां नहीं हैं। ऐसे में उच्चाधिकारियों की स्वीकृति मिलने पर रद्द कर दिया जाएगा। जबकि परिचालक का लाइसेंस भी रद्द हो जाएगा।
क्या कहते हैं आरटीओ
आरटीओ अक्षय सूद का कहना है कि लिखित शिकायत आने पर संबंधित बस परिचालकों का एक हजार रुपये तक चालान किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बस में सफर करते समय टिकट अवश्य लें। परिचालकों द्वारा अधिक किराया लेने पर उनके पास लिखित शिकायत करें जिससे उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
