
ऊना। स्टेट रोड प्रोजेक्ट के तहत अंब-मैहतपुर एक्सप्रेस हाईवे निर्माण में लगी चीन की लांगजिएन रोड एंड ब्रिज कंपनी के इंजीनियरों और डायरेक्टर का वीजा रुक गया है। इंडियन अंबेंसी की ओर से केंद्र सरकार की अनुमति से इन्हें भारत आने के लिए वीजा जारी किया जाना है। वीजा न मिल पाने से डायरेक्टर और इंजीनियर्स समेत नौ लोग भारत नहीं आ पा रहे हैं। इस मार्ग पर अभी नौ पुलों और दर्जनभर से अधिक कलवर्ट का निर्माण होना है। वीजा न मिल पाने के पीछे भारत और चीन के बीच बिगड़े संबंधों को भी कारण माना जा रहा है। अब संबंधों में सुधार से चीन में फंसे इन अधिकारियों को राहत की उम्मीद है। मार्ग का कार्य पूरा न हो पाने की वजह से लोगों और पर्यटकों को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में चीनी कंपनी के इन लोगों को वीजा जारी किए जाने का रास्ता साफ हो गया था, लेकिन चीनी सेना कई ओर से भारत की सीमा में घुसपैठ से बिगड़े संबंधों के चलते वीजा रोक दिया गया। अब संबंध सुधरने से इनके भारत आने का रास्ता साफ हो सकता है। इस मार्ग पर नंदपुर, घंडावल, बसाल, झलेड़ा, लालसिंगी, बहडाला, रक्कड़ कालोनी, जलग्रां, ऊना बस अड्डे के समीप तथा अन्य कुछ स्थानों पर करोड़ों की लागत से पुलों का निर्माण होना है। इसके अलावा दर्जनभर से अधिक कलवर्ट भी बनने हैं। चीन में फंसे डायरेक्टर पुल निर्माण को लेकर ही बातचीत करने के लिए भारत आएंगे। जबकि वहां फंसे इंजीनियर पुल तथा कलवर्ट का निर्माण करवाएंगे। चीनी कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि वीजा मिलते ही डायरेक्टर और अभियंताओं समेत करीब नौ लोग भारत आएंगे।
उधर, स्टेट रोड प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता एसके कुटलैहड़िया ने कहा कि कंपनी के अभियंताओं को वीजा जारी करने का मामला केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। इन लोगों के यहां पहुंचते ही पुलों का निर्माण शुरू होगा।
किसी और को दिया जा सकता है काम
सरकार के हस्तक्षेप के बाद कंपनी इस मार्ग पर बनने वाले पुलों और कलवर्ट निर्माण का कार्य किसी अन्य कंपनी को भी दे सकती है। स्टेट रोड प्रोजेक्ट और चीनी कंपनी के अधिकारियों ने भी इस संभावना से इंकार नहीं किया है।
अभी चीन के 21 लोग ऊना में
अंब-मैहतपुर एक्सप्रेस हाईवे का निर्माण चीन की लांगजिएन रोड एंड ब्रिज कंपनी की ओर से किया जा रहा है। कंपनी पिछले पांच वर्ष से ऊना में कार्य कर रही है। शुरुआती दौर में कंपनी के मजदूर भी चीन से ही बुलाए गए थे। बार-बार वीजा की अड़चन से निजात पाने के लिए कंपनी ने नेपाल के मजदूरों को काम पर रखा। मौजूदा दौर में भी कंपनी में कार्यरत चीन के 21 लोग ऊना में रह रहे हैं।
कंपनी के पास है 126 करोड़ का काम
स्टेट रोड प्रोजेक्ट के अधिशासी अभियंता एसएस कुटलैहड़िया ने कहा कि चीन की कंपनी के पास 126 करोड़ का कार्य है। कंपनी को धीमे कार्य के लिए 3.50 करोड़ की पेनल्टी भी हुई है। कंपनी ने अभी तक 55 प्रतिशत कार्य पूरा किया है। 126 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत में कितना इजाफा हुआ है, इसका पता पुल, कलवर्ट समेत सड़क का काम पूरा होने के बाद अंतिम दौर में चल सकेगा।
वाहन आपरेटरों को हो रहा नुकसान
काम ठप होने से इस मार्ग की हालत खराब है। वाहनों के पट्टे तक टूट रहे हैं। निजी बस आपरेटर भी इस मार्ग पर वाहनों के रखरखाव पर अधिक राशि खर्च होने का तर्क दे रहे हैं। मार्ग पर सेवा देने वाले बस आपरेटरों में अन इंप्लाइड, ऊना हाईवे, देवी दर्शन, राजेंद्रा एवं वशिष्ठ बस के मालिकों ने जल्द से जल्द सड़क का निर्माण करवाने की मांग की है। नंदपुर निवासी ठाकुर सीताराम, अश्वनी ठाकुर, राज कुमार, महादेव, दीपक, धुसाड़ा निवासी दिनेश, विक्रम, कमल, चमनलाल, किशोरी लाल, बसाल निवासी शुभम, अजय कुमार, नितेश कुमार, आशीष कुमार आदि ने कहा कि सड़क खराब होने से रोज हादसे हो रहे हैं।
