अंब में लोगों की सेहत से दगा

अंब (ऊना)। उपमंडल अंब में उद्योगों के प्रदूषण से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सुबह उठते ही घरों की छतों पर काले रंग की चादर बिछी होती है। यहां के बाशिंदों का आरोप है कि इलाके में स्थापित उद्योग सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर रहे हैं। रात के समय वेस्ट मैटीरियल का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों में तरसेम लाल, मदन चंद, कृष्णकांत, बाबू लाल, प्रियंका, महादेव शर्मा, एनके शर्मा, बविंद्र कुमार, अनोखे लाल, सुमन शर्मा, संदीप कुमार, मंदीप कुमार, मनोज कुमार, नरेंद्र शर्मा ने बताया कि कभी-कभी तो रात के वक्त यदि बाहर खड़े हों तो सांस लेने में भी तकलीफ होती है। उन्होंने उपमंडल अधिकारी एवं जिला उपायुक्त से इस बारे में जांच करवाने की मांग की है। क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का मानना है कि क्षेत्र में दिन के मुकाबले रात के वक्त प्रदूषण बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों पर एक अनजाना सा खतरा मंडरा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य में दिन-प्रतिदिन आ रही गिरावट को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

हर माह आ रहे 600 मरीज
खंड चिकित्सालय में तैनात डा. पंकज पराशर का कहना है कि अस्पताल में हर महीने करीब 500 से 600 लोग सांस की बीमारी से पीड़ित आते हैं। इसके मूल कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

प्रदूषण बोर्ड को लिखेंगे खत : एसडीएम
एसडीएम सुखदेव सिंह का कहना है कि प्रदूषण बोर्ड को इस संदर्भ में पत्र लिखा जाएगा। जिससे मामले पर जल्द कार्रवाई की जा सके।

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