हेलीकाप्टर की आस में बुजुर्ग की जिंदगी

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। बर्फ से अटे अति दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी में एक जिंदगी संकट में पड़ गई है। मरीज को कफ के साथ खून की उल्टियां हो रही हैं। इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में न डाक्टर है और न ही फार्मासिस्ट। परिजन वहां से मरीज को लिफ्ट करने के लिए हेलीकाप्टर उड़ान किए जाने को लेकर स्थानीय प्रशासन को लिखित रूप में अवगत करवा चुके हैं। 20 किलोमीटर दूर चांगूट गांव का संपर्क बर्फबारी के कारण उपमंडल उदयपुर से कट गया है। ऐसे में 67 वर्षीय चांगूट निवासी नवांग को आपातकालीन हेलीकाप्टर उड़ान की सख्त जरूरत है। नवांग की पत्नी छेरिंग डोलमा ने फोन पर बताया कि नवांग दो-तीन बार खून की उल्टियां कर चुका है। अब पेट फूलने के साथ ही नवांग को कब्ज की शिकायत भी है। उनके घर से दो किलोमीटर दूर तिंगरेट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है लेकिन वहां न तो डाक्टर है और न ही फार्मासिस्ट। वहां एक महिला स्वास्थ्य कर्मी तैनात है जो उस मरीज को देख रही है। मरीज की हालत को देखते हुए प्रशासन ने तिंगरेट हेलीपैड के लिए आपातकालीन उड़ान को जीएडी को अवगत करवा दिया है।
तिंगरेट पंचायत के पूर्व प्रधान हिशे आंगमो ने बताया कि मयाड़ घाटी की भौगोलिक परिस्थितियां लाहौल के अन्य हिस्सों से और कठिन हैं। सरकार को तिंगरेट सीएचसी में डाक्टर व फार्मासिस्ट की तैनाती को ठोस कदम उठाना चाहिए। वहां दो पंचायत के तकरीबन डेढ़ हजार से अधिक आबादी एक महिला स्वास्थ्य कर्मी के हवाले है। उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से मरीज नवांग को जल्द वहां से लिफ्ट किए जाने की मांग की है। एसडीएम उदयपुर निशांत ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आते ही उन्होंने जीएडी को तत्काल तिंगरेट हेलीपैड के लिए आपातकालीन उड़ान किए जाने की सिफारिश की है।

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