हरे वनों के संरक्षण को लेकर मंथन

राजगढ़ (सिरमौर)। वन विकास अभिकरण की सामान्य कार्यकारिणी की बैठक वन मंडलाधिकारी राजगढ़ राजेश शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें वन मंडल राजगढ़ की 54 वन प्रबंधन समितियों के प्रधान, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में वन प्रबंधन समितियों की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई तथा वन मंडल में जीपीएस मैप को जीओ रिफरेंस आदि सूचनाएं एकत्रित की गईं। वन मंडलाधिकारी राजेश शुक्ला ने कहा कि तमाम वन प्रबंधन समितियां अपने क्षेत्रों में कार्याें को पूरा कर प्राप्त धनराशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र और अन्य विवरण भेजें, ताकि अगली किस्त लेने में कठिनाई न हो। राजगढ़ वन मंडल में कुल 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र ग्रीन बेल्ट के तहत आता है, जो काफी है। इसे बढ़ाने और इसके संरक्षण की अधिक जरूरत है। उन्होंने समितियों के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि वे वनों के संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने में विभाग का सहयोग दें। उन्होंने विभाग के कर्मियों तथा समिति पदाधिकारियों को सलाह दी की वे टाल प्लाटिंग पर ध्यान देें। सड़कों के नजदीक बड़े पौधों को ले जाया जा सकता है। इनके कामयाब होने की संभावना भी अधिक है। उन्होंने तथा समिति पदाधिकारियों ने बड़साहिब के कलगीधर ट्रस्ट से आग्रह किया कि वह चीड़ के पत्तों पर आधारित उद्योग स्थापित करें। इससे जहां उन्हें जलाने के लिए पत्तियां मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। साथ ही वनों में आग की घटनाएं भी कम होंगी। बैठक में वन परिक्षेत्राधिकारी इंद्रसिंह वर्मा, रतिराम व अमर सिंह सहित विभागीय कर्मी व समितियों के प्रधान उपस्थित थे।

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