भीख मांगने की प्रथा से आजाद हो विकलांग

नाहन (सिरमौर)। राज्य और जिला भर में विकलांग लोगों के लिए सम्मान देने की मांग उठी है। इसे लेकर अखिल भारतीय हैंडीकेप सर्विस सोसाइटी की जिला इकाई ने अपनी आवाज बुलंद की है। सोसाइटी के जिला प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने सोसाइटी की ओर से मांग की है कि राज्य भर में विकलांगों को भीख मांगने की प्रथा से आजाद करवाया जाना चाहिए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर कृपा का पात्र बन रहे विकलांगों के लिए सम्मान का जीवन यापन करने को लेकर नीति बनाई जानी चाहिए।
जिला प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि राज्य और जिला के कई स्थानों पर हजारों विकलांग आए दिन सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांग रहे हैं, जो समाज और देश के लिए शर्म की बात है। सोसाइटी ने सरकार और संबंधित विभागों पर आरोप लगाया है कि इस बारे में विकलांगों के लिए अभी तक किसी ने ठोस नीति नहीं बनाई है। अगर नीति बनाई होती तो विकलांगों की ऐसी दुर्दशा न होती। सोसाइटी का कहना है कि राज्य तथा जिला में ऐसे दर्जनों विकलांग हैं जो पढ़े लिखे होने के बावजूद कुंठा का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अगर ऐसे विकलांगों को उनकी आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति को सामने रखते हुए रोजगार दिया जाए तो विकलांगों की स्थिति सुधर सकती है।
उधर विकलांगों के प्रति सुविधाओं के लिए आवाज उठाने वालों में अध्यक्ष मुख्तयार सिंह बाठ और राष्ट्रीय महामंत्री नेत्र सिंह चौधरी मुख्य रूप से शामिल थे

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