फर्जी दस्तावेज पर पटवारी के साइन भी जाली

धर्मशाला। कांगड़ा केंद्रीय को-आपरेटिव बैंक धर्मशाला से फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन लेने के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। बैंक प्रबंधन ने लोन मामले की अपने स्तर पर तफ्तीश कर हैरान कर देने वाले तथ्य उजागर किए हैं। धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति धर्मशाला का न होकर पालमपुर निवासी है। डिफाल्टर ने लोन जमीन के जिस दस्तावेज लिया है, उस जमीन के परचे पर पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर निकले हैं। जांच के दौरान संबंधित पटवारी ने कहा कि जमीन के परचे पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। इसके बाद डिफाल्टर ने लोन के लिए दस्तावेज पर गारंटर के हस्ताक्षर समेत नाम और पता भी फर्जी दर्शाया है। जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित गांव में गारंटर के नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है। इसके अलावा ऋण देते समय बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा पूरी तरह से अनियमितता बरतने की बात सामने आ गई है। कांगड़ा केंद्रीय को-आपरेटिव बैंक धर्मशाला के महाप्रबंधक जेएस राणा ने कहा कि विभागीय जांच में जमीन के परचे पर पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर मिले हैं। पटवारी ने माना कि परचे पर मुहर और साइन उनके नहीं हैं। उन्होंने बताया कि लोन में गारंटी देने वाले व्यक्ति का नाम पता भी गलत है। जीएम ने कहा कि बैंक मैनेजर ने लोेन देते समय नियमों की अवहेलना की है। इसलिए अगर डिफाल्टर लोन को चुकता नहीं करता है तो बैंक मैनेजर से रिकवरी होगी।
क्या है मामला
केसीसी बैंक धर्मशाला से एक व्यक्ति ने जमीन के फर्जी दस्तावेज पर वर्ष 2004 में मकान बनाने के लिए चार लाख रुपये लोन लिया, लेकिन संबंधित व्यक्ति के नाम पर धर्मशाला में कोई जमीन नहीं है। वहीं धर्मशाला के किसी भी वार्ड में ऋण की राशि से मकान भी नहीं बनाया तथा लोन भी नहीं चुकाया। धर्मशाला पुलिस थाना में 5 फरवरी 2013 को बैंक प्रबंधन ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया।

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