पंद्रह दिन बाद भी रात्रि बस सेवा बंद

सांगला (किन्नौर)। बर्फबारी के 15 दिन बाद भी किन्नौर के ग्रामीण रूटों पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। इसके अलावा एनएच-22 के बहाल होने के बाद भी रिकांगपिओ से रात्रि बस सेवा अभी भी बंद है। ग्रामीण रूटों पर और रात्रि बस सेवा बहाल न होने के चलते लोगों को भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। वहीं पथ परिवहन निगम को भी हर दिन साढ़े तीन लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है। बर्फबारी के 15 दिन बाद भी जिले के ग्रामीण रूटों मुरंग, नैसंग, आसरंग, लिप्पा, रौपावैली, कानम, सांगला, बटसेरी, रक्छम, छितकुल, शौंग, चांसु, काफ नु, ठंगी, रारंग, ठोपन, खादरा, रिस्पा, पूर्णणी, पांगी, कल्पा, रौधी, रल्ली, छोटाकंबा, बड़ा कंबा, निचार, चगांव, उरनी और रिकांगपिओ रोहणु सहित अन्य रूटों पर अभी तक बस सेवा बहाल नहीं हो पाई है। इससे जहां आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं रिकांगपिओ डिपो को भी रोज का करीब साढ़े तीन लाख रुपये का घाटा हो रहा है।
इधर, अड्डा प्रभारी रिकांगपिओ वीर चंद राय ने कहा कि अभी भी बर्फबारी के कारण निगम की काजा से रिकांगपिओ आते वक्त मलिंग और दूसरी रिकांगपिओ से समदु जाने वाली बस समदु में फं सी है। एनएच-22 के बहाल होने के बाद लंबे रूटों की सभी बसें चल रही हैं, लेकिन हमीरपुर हरिद्वार, चंडीगढ़, धर्मशाला, रिब्बा-चंडीगढ़-दिल्ली, धर्मपुर के लिए जाने वाली रात्रि बस सेवा अभी भी बंद है। शनिवार को निचार खंड के चगांव और निचार के लिए बस सेवा भेजी जाएगी।

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