चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने दिया इस्तीफा

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने एक दशक तक इस कम्युनिस्ट देश की सत्ता की बागडोर संभालने के बाद आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिंताओ ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के संविधान में अपने ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ के सिद्धांत को शामिल कर पार्टी पर अमिट छाप छोड़ी है। उनके इस सिद्धांत को भी माओत्से तुंग और देंग जियोपिंग जैसे नेताओं के सिद्धांतों की तरह अहम माना जा रहा है। नेतृत्व परिवर्तन अधिवेशन के आखिरी दिन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के संविधान में संशोधन को मंजूरी दी गई।

इसके तहत विकास कार्यों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण को पार्टी के कार्यों के दिशानिर्देशक के रूप में शामिल किया जाएगा। ‘विकास पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ के सिद्धांत को अधिवेशन में शामिल 2,270 प्रतिनिधियों ने आमराय से वाद…लेनिनवाद, माओत्से तुंग के विचार, देंग जियोपिंग के सिद्धांत और हू के पूर्वाधिकारी जियांग जेमिन के ‘थ्री रिप्रीजेंट्स’ विचार के समकक्ष रखा।

प्रस्ताव में इस दृष्टिकोण को सीपीसी का सामूहिक विचार माना गया तथा एक दीर्घकालीन दिशानिर्देशक विचार माना गया जिसका पार्टी को अवश्य ही पालन करना चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया कि यह चीन की परिस्थितियों में माक्र्सवाद के सिद्धांतों को स्वीकार करने की नयी उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करता है।

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