खराब पानी मीटर बदलने का मौका मार्च तक

शिमला। शहर में पानी के करीब दो हजार कामर्शियल और कंस्ट्रक्शन के मीटर खराब हैं। दो माह के दौरान एमसी प्रशासन ने सभी वार्डों का निरीक्षण कर सूची बनाई है, जिसमें यह खुलासा हुआ है। खराब मीटर लगाने वाले सभी उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर मार्च तक मीटर बदलने का अंतिम मौका दिया है। अगर आदेशों की पालना नहीं होती है तो मासिक फ्लैट 3,750 रुपये का बिल भेजा जाएगा।
एमसी के मुताबिक शहर में कुल साढ़े चार हजार कमर्शियल और कंस्ट्रक्शन के मीटरों में से करीब दो हजार मीटर बंद हैं या गलत रीडिंग दे रहे हैं। ऐसे में नगर निगम की पेयजल एवं निकास शाखा के कर्मचारियों ने खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं की सूचियों को अंतिम रूप देकर अधिकारियों के ध्यानार्थ भेज दिया है। अधिकारियों की अनुमति के बाद नोटिस भेजने का काम शुरू कर दिया गया है। खराब मीटरों को दुरुस्त करने के लिए एमसी ने मार्च तक का समय दिया है। इसके बावजूद भी अगर मीटर को बदला नहीं गया तो मासिक 3,750 रुपये चुकाने होंगे।

शहर में साढ़े चार हजार कमर्शियल कनेक्शन
नगर निगम के पच्चीस वार्डों में साढ़े चार हजार कमर्शियल और कंस्ट्रक्शन कनेक्शन दिए गए हैं। इन कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से मीटर रीडिंग के आधार पर बिल वसूला जाता है।

घरेलू कनेक्शनों से फ्लैट 150 रुपये बिल
राजधानी में अक्तूबर 2012 से पानी के घरेलू कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से मीटर रीडिंग के बजाए फ्लैट डेढ़ सौ रुपये मासिक बिल लेने का फैसला लिया गया है। निगम सदन ने यह प्रस्ताव पारित किया है।

एक हजार और उपभोक्ताओं को भेजेंगे नोटिस
निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि खराब मीटर वाले एक हजार उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। शेष एक हजार उपभोक्ताओं को नोटिस भेजने का काम जारी है। मार्च तक उपभोक्ताओं को मोहलत दी गई है। इसके बाद 3,750 रुपये का फ्लैट बिल वसूला जाएगा।

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