ओलावृष्टि से गेहूं और सब्जियां तबाह

नेरचौक/चौंतड़ा (मंडी)। जिले में शनिवार रात से हो रही बारिश से एक बार फिर जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। तापमान लुढ़कने से ठंड बढ़ गई। रविवार को बल्ह घाटी व चौंतड़ा क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
मौसम में बदलाव से शनिवार रात से जिला मंडी में बारिश शुरू हुई। रविवार को भी पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। तापमान लुढ़कने के कारण ठंड बढ़ने से लोग घरों में दुबके रहे। रविवार को बल्ह घाटी व चौंतड़ा के अलावा अन्य क्षेत्रों में ओले गिरने से गेहूं, जौ, मटर, टमाटर व अन्य सब्जियों की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
बल्ह क्षेत्र के भंगरोटू, नागचला, सीन, ढांगू, छातडू, खांदला, स्टोह, साई, डडौर, ढाबण, लहौर, कुम्मी आदि क्षेत्रों में ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हो गई। नागचला के सब्जी उत्पादक गोबिंद राम, गंगा राम, सूरत, राकेश, भंगरोटू के दुर्गा सिंह, नवीन कुमार, स्टोह के रमेश कुमार, लेख राज व ललित कुमार आदि ने बताया कि ओले गिरने से टमाटर, बैंगन व करेला आदि फसलें बर्बाद हो गईं।
उधर, चौंतड़ा क्षेत्र में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं व जौ की फसल तबाह हो गई। किसान राज सिंह, अमर सिंह, राजमल व अन्यों ने बताया कि पहले बीजाई के समय बरसात ने साथ नहीं दिया और जब कड़ी मेहनत के बाद फसल उगी तो अब मौसम के कहर ने उनकी मेहनत को ओलावृष्टि, हवा व वर्षा ने तबाह कर दिया है।
कृषि विकास अधिकारी केसी शर्मा का कहना है कि लोअर बल्ह में 40 प्रतिशत किसान सब्जी से अपनी आजीविका चलाते हैं। गेहूं की फसल के लिए बारिश अच्छी है, लेकिन ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को 10 से 20 प्रतिशत नुकसान की सूचना है।

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