ऊपरी शिमला के सैकड़ों गांव अंधेरे में

रोहड़ू। भारी हिमपात के चार दिन बाद भी ऊपरी शिमला के सैकड़ों गांवों में अंधेरा छाया हुआ है।
बिजली बोर्ड को लाखों का नुकसान हुआ है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी दिन रात लाइनों को दुरुस्त करने में लगे हैं। कड़ाके की ठंड में लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
यहां के चिड़गांव, जुब्बल, रोहड़ू, कोटखाई समेत चौपाल के सैकड़ों गांवों में पांच फरवरी की रात से बिजनी गुल है। अंधेरे के कारण बच्चों को परीक्षा की तैयारी करने में भी मुश्किल हो रही है। लोगों के मोबाइल और बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण भी ठप पड़े हैं। नब्बेे प्रतिशत गांवों में लाइनों को दुरुस्त करने के लिए बिजली बोर्ड के कर्मचारी तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। हिमपात के कारण दूसरी बार मेन टावर लाइन के टूटने से बिजली बोर्ड टावर ट्रासमिशन विंग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। बोर्ड को हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है। बिजली बोर्ड के एसई महेश सिंघल ने बताया कि हिमपात से बिजली की लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। सभी मेन लाइनों को ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुंगरी के पास टावर लाइन टूटने की सूचना है। टावर लाइन को ट्रांसमिशन विंग ठीक करता है। रोहड़ू बाजार में चिड़गांव पावर हाउस से सुबह शाम बिजली दी जा रही है। कर्मचारियों ने कई मेन लाइनों को दुरुस्त कर दिया है। बोर्ड हर गांव में शीघ्र बिजली पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है।

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