अब कैसे लगवाएं वाहनों पर नकली नंबर प्लेटें?

हिमाचल के वाहन मालिक परिवहन विभाग के कार्यालयों में लगाई जा रही हाई सिक्योरिटी प्लेटों को लेकर खासे परेशान हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को अधिकृत कंपनी के साथ करार रद्द करने के आदेश दे दिए हैं। इसमें कंपनी की प्लेटों को नकली बताया गया है। अब विभाग के कार्यालयों के बाहर नंबर प्लेटें लगाई जा रही हैं।

वाहन मालिक परेशान हैं कि जानबूझ कर इस जहर को कैसे निगलें। इससे पहले तो वाहन मालिकों ने वाहनों की सुरक्षा के लिए और चालान से बचने से लिए इन नंबर प्लेटों को लगवा लिया था। अब नंबर प्लेटों की असलियत सामने आने के बाद वाहन मालिक पसोपेश में हैं कि साढ़े तीन सौ रुपये खर्च कर क्यों नकली नंबर प्लेट लगवाई जाए।

अभी तक प्रदेश में साढ़े तीन लाख से अधिक वाहनों पर नंबर प्लेट लगानी हैं, इतने ही वाहन नंबर प्लेट लगा चुके हैं। हालांकि विभाग का तर्क है कि जब तक दूसरी कंपनी को काम नहीं सौंपा जाता है, तब तक कंपनी नंबर प्लेट लगाने का काम करती रहेगी। विभाग की ओर से शीघ्र ही दूसरी कंपनी को इसका काम सौंपा जाएगा। इसके बाद पूर्व में हुए टेंडर में दूसरे नंबर पर रही कंपनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम शुरू करेगी।

सोमवार से विभाग के कार्यालयों के बाहर नंबर प्लेट लगाने का काम तो जारी है, लेकिन प्लेट लगाने वाले वाहन मालिकों की संख्या काफी कम हो गई है। राज्य परिवहन विभाग के निदेशक शरभ नेगी ने बताया कि अभी नंबर प्लेटें लगाने का काम चल रहा है। जब दूसरी कंपनी को काम सौंप दिया जाएगा तो उसके बाद प्रक्रिया बदल जाएगी।

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