
नई दिल्ली: दिग्गज उद्यगोपति सरकार की नाकामी पर अपना संयम खोते जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार यूपीए सरकार इकॉनमी की हालत सुधारने में नाकाम रही है जिससे उद्योगपति के सब्र ने जवाब दे दिया इसी के चलते 29 जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ट्रेड और इंडस्ट्री पर काउंसिल में शामिल 20 कॉर्पोरेट लीडर्स में से 5 ने मीटिंग में हिस्सा भी नहीं लिया। मीटिंग गिरते रुपए और करंट अकाउंट डेफिसिट के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। मीटिंग में शामिल हुए उद्योगपतियों ने सरकार की ढीली पॉलिसी को लेकर सवाल उठाए।
सूत्रों के अनुसार बजाज ऑटो के चेयरमैन राहुल बजाज ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि सरकार कब देश के हितों के प्रति सजग होगी और उनके हितों की रक्षा करेगी। वहीं भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने काउंसिल को बताया कि कंपनी पर हाल ही में टेलिकॉम डिपार्टमेंट की ओर से 650 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई गई है जो कि गलत है।
राहुल बजाज ने चीन जैसे देशों से कंज्यूमर गुड्स के बढ़ते आयात का जिक्र किया और बताया कि इससे ट्रेड और करंट अकाउंट बैलेंस कमजोर हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ मीटिंग में रतन टाटा, कुमार मंगलम बिड़ला, केशुब महिंद्रा, अनु आगा और किरण मजूमदार शॉ मौजूद नहीं थे।
