
नई दिल्ली: आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। वकील एमएल शर्मा ने अर्जी दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बताकर यूपी सरकार के फैसले को चुनौती दी है।
वहीं दुर्गा शक्ति के निलंबन के मामले में वक्फ बोर्ड के मुताबिक मस्जिद की दीवार भू-माफिया ने गिरवाई थी ताकि दुर्गा शक्ति को इस मामले में फंसाया जा सके। वक्फ बोर्ड दनकौर के सदस्य कादिर खान जायसवाल कई साल से भू-माफिया से लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि इस माफिया ने वक्फ बोर्ड की करोड़ों की जमीन हड़प रखी है। उनकी शिकायत पर ही दुर्गाशक्ति कार्रवाई कर रही थी, जिसकी सजा उन्हें भुगतनी पड़ी।
जायसवाल ने बताया कि उन्होंने 17 मई 2012 को इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। तत्कालीन जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि कादिर के आरोप सही हैं। तब जांच अधिकारी का तबादला हो गया। इसके बाद कादिर ने सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आजम ख़ान जैसे नेताओं से शिकायत की। जब दुर्गाशक्ति आईं तो कादिर ने नए सिरे से शिकायत की। तहसीलदार से जांच कराने के बाद 24 जून 2013 को दुर्गाशक्ति ने भू-माफिया को नोटिस जारी किया, लेकिन नोटिस पर अमल से पहले दुर्गाशक्ति का निलंबन हो गया।
