
जेल में बंद गैंगस्टर के लिए लूटपाट व टारगेट किलिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले तीन युवकों को चार पिस्टल व रौंद के साथ गिरफ्तार करने का पुलिस ने दावा किया है। सीआईए स्टाफ कपूरथला की ओर से नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। इनमें से एक युवक पर पहले से केस दर्ज हैं। जबकि दो युवक का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं हैं। हालांकि एसएसपी कपूरथला ने इनका किसी भी गैंग से संबंध होने से साफ इन्कार किया है।
एसएसपी ने बताया कि हंसदीप पर पहले केस दर्ज है। जबकि प्रदीप सिंह उर्फ प्रतिखिया सिंह दोनों दोस्त हैं और बारहवीं तक पढ़े हैं। ये लोग बिहार से सस्ते पिस्टल लाकर यहां महंगे दाम पर बेचने के साथ-साथ जेल में बंद बदमाशों के इशारे पर टारगेट किलिंग, किसी के घर पर फायरिंग व लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। इन लोगों ने हाल ही में अमृतसर में भी ऐसे हथियार बेचे थे।
एसएसपी ने इनका किसी भी गैंगस्टर गैंग से संबंध होने से इन्कार किया है। हालांकि माना कि ये जेल के अंदर बंद बदमाशों के इशारे पर काम करते हैं। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। बेशक, एसएसपी इन्हें किसी गैंग का सदस्य मानने तो तैयार नहीं हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो ये तीनों हाल में किसी बड़े गैंगस्टर के संपर्क में आने के बाद उनकी टीम का हिस्सा बने हैं। किसी वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हंसदीप सिंह मोहल्ला अरफावाला में टेंटू बनाने का काम करता है। इस बनाने के दौरान ही प्रदीप व प्रतिखिया उसके संपर्क में आए।
