
नई दिल्ली: लोकसभा में ट्राई संशोधित बिल पास हो गया है जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। एनसीपी, बीएसपी, एआईएडीएमके ने इस बिल पर यू टर्न लिया और केंद्र सरकार के साथ हो गई जबकि कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने बिल का विरोध किया तथा सदन से वॉकआउट कर दिया लेकिन कांग्रेस अपने इस रुख के कारण अलग-थलग पड़ गई।
दूसरी तरफ राज्यसभा में भी ट्राई संशोधित बिल पास होने के रास्ते साफ होते दिख रहे हैं। बसपा प्रमुख और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी ट्राई संशोधन बिल पर मोदी सरकार के साथ है। वहीं, जेडी(यू) के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा है कि उनकी पार्टी ट्राई बिल का विरोध करेगी।
राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 245 है जिनमें से एनडीए 58, यूपीए 80 और दूसरी पार्टियों के सांसदों की संख्या 86 है। एआईएडीएमके के 11 सांसद, डीएमके के 4 सांसद, बीजू जनता दल के 7 सांसद हैं। इसके अलावा अगर सरकार राष्ट्रीय लोकदल के सांसदों को अपने पक्ष में कर लेती है तो उसे बिल को राज्यसभा से पास कराने में कोई परेशानी नहीं होगी।
