तेज आंधी से जमीन पर बिछी गेहूं की फसल

बद्दी (सोलन)। बीबीएन क्षेत्र में बारिश और ओलों के साथ तेज चली आंधी से किसानों की गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। तेज आंधी से यह दूसरी बार गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
शनिवार रात हुई बारिश के साथ तेज हवा और रविवार दोपहर बाद ओलावृष्टि से बीबीएन के मानपुरा, खेड़ा, दभोटा, मझोली, लोदी माजरा, किशनपुरा, मधाला आदि पंचायतों में गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। मधाला के माधो राम मेहता, संडोली के जोध सिंह, खेड़ा के अवतार सिंह, दभोटा के मेवा सिंह, मानपुरा के देवराज ठाकुर, लोधी माजरा के रामलोक ने बताया कि गेहूं के लिए बारिश तो सही है, लेकिन आंधी ने किसानों को कमर तोड़ कर रख दी है। इस वर्ष समय-समय पर बारिश होने के बाद रवी की फसल की अच्छी पैदावार थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने किसानों की फसल बर्बाद करके रख दी है। किसान भगत सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व भी गेहूं की फसल आंधी से बिछ गई थी, लेकिन बाद में मौसम खुलने से फसल काफी उठ गई थी। अब दोबारा फसल जमीन पर बिछने से उसके सड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
क्या कहना है कृषि विभाग का
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डा. हंसराज मेहता ने बताया कि इस समय आंधी और तूफान गेहूं की फसल के लिए हानिकारक है। उन्होंने बताया कि बारिश से अभी गेहूं को कोई नुकसान नहीं है, लेकिन आंधी से पकी हुई गेहूं जमीन पर बिछ रही है और उसके ऊपर ओलावृष्टि होने से फसल के सड़ने का खतरा बना हुआ है।

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और दिन में चार बजे ही हो गया अंधेरा
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में सांय चार बजे घनघोर अंधेरा छा गया। इससे वाहन चालकों को लाइट जला कर वाहन चलान पड़े। अचानक हुए अंधेरे से खेतों में गए किसान समय से पहले ही अपने घर को लौट आए। घना अंधेरा होने से लोगों को अपने घर में लाइट जला कर रोज मर्रा के कार्य निपटाने पड़े। तेज बारिश के बाद ओलावृष्टि हुई उसके बाद मौसम थोड़ा साफ हुआ।

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