तेज हवाओं ने जमीन पर बिछाई फसल

देहरागोपीपुर/धर्मशाला (कांगड़ा)। शनिवार रात करीब साढे़ दस बजे तेज हवाओं के साथ शुरू हुई तेज बारिश ने गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं ने गेहूं की अधिकतर फसल को जमीन पर बिछा दिया है। इससे किसानों के माथे पर परेशानी की लकीरें खिंच गई हैं। इस बार खेतों में गेहूं की अच्छी फसल देखकर किसान काफी खुश नजर आ रहे थे। लेकिन रात को चलीं तेज हवाओं ने किसानों की खुशियों को हवा कर दिया।
किसान कश्मीर सिंह, गोपाल सिंह, करतार सिंह, अशोक कुमार, कर्म चंद, संतराम, प्रीतम चंद, रोशन लाल, दिनेश कुमार, दिलबाग सिंह आदि का कहना है कि इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी। लेकिन शनिवार रात को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने अधिकतर गेहूं की फसल को जमीन पर बिछा दिया है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। अब फसल की पैदावार आधी रह जाएगी। रक्कड़, बणी, घियोरी, बीहण, बरवाड़ा, बढल ठोर, नंगल, बस्सी, चनौर, डेहपुखर आदि इलाकों में गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। जबकि रक्कड़ के कई गावों में ओलावृष्टि होने की खबर है। इससे इस क्षेत्र में गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि और बारिश और ओलावृष्टि होती है तो फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा।
उधर, धर्मशाला, खनियारा, मैकलोडगंज, योल, नरवाणा, दाड़ी व सिद्धबाड़ी समेत कांगड़ा जिला के कई इलाकों में रविवार सुबह ओलावृष्टि हुई है। हालांकि यहां गेहूं की फसल को खासा नुकसान नहीं पहुंचा है। लेकिन ओलावृष्टि से जमीन पर सफेद चादर बिछ गई। वहीं धौलाधार की ऊपरी पहाड़ियों पर हलका हिमपात भी हुआ है। देर सायं मौसम साफ हो गया।

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